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कवि सम्मेलन में इन कविताओं पर छूटे हंसी के गुब्बारे

मैं सूर्य-चंद्र की गति का निर्धारण करता हूं ...

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kavi sammelan in alirajpur

पेटलावद. मैं सूर्य-चंद्र की गति का निर्धारण करता हूं, दशरथ नंदन मर्यादा पुरषोत्तम राम पर मुझे गर्व है जैसी वीर रस की कविताओं ने पंपावती नदी के तट पर नगर परिषद द्वारा भैरवनाथ मवेशी मेले में आयोजित कवि सम्मेलन में कवि मुकेश मोलवा ने हजारों श्रोताओं की तालियां और दाद बटोरी। पद्मावती फिल्म पर चल रहे विवाद के उपर कविता सुनाते हुए उन्होंने रानी पद्मावती और दासियों के जौहर के बारे में सुनाया और कहा कि मां पद्मावती सच्चे अर्थो में मेरे देश की परिभाषा है।

कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीएम हर्षल पंचोली और नप अध्यक्ष मनोहर भटेवरा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया । इसके बाद अतिथियों का स्वागत और नप के पार्षदों द्वारा कवियों का स्वागत किया गया। कवि सम्मेलन के शुभारंभ में मां सरस्वती की वंदना नैनीताल से गोरी मिश्रा ने की। इसके बाद प्रथम कवि के रूप में हास्य कवि मुन्ना बेटरी मंदसौर ने अपनी चुटकुलों और अलग ही अंदाज से श्रोताओं को गुदगुदाया। इसके बाद नामली की कवयित्री सुमित्रा ने श्रंगार रस की कविताओं पर दाद बटोरी।

इस मौके पर राष्ट्रीय कवि मुकेश मौलवा का नागरिक अभिनंदन करते हुए उन्हें साल श्रीफल, प्रतिक चिह्न और अभिनंदन पत्र भेंट किया। हरेंद्र शुक्ला, मोहन पडिय़ार, वीरेंद्र भट्ट, मनोज पुरोहित, हरिश राठौड़,लोकू परिहार, निलेश सोनी, जितेंद्र विश्वकर्मा, निर्मल व्यास, लोकेंद्र चाणोदिया,जगदीश प्रजापत ने सम्मान किया। इसके साथ ही नैनीताल से आई कवयित्री गौरी मिश्रा ने भी श्रंृगार के गीत और गजलों के छंद की वर्षा की। प्रतापगढ़ राजस्थान के पेरोडी गायक पार्थ नवीन ने पेरोडियों के माध्यम से राम रहीम,आंतकवाद, देश की अन्य समस्याओं पर पेरोडी प्रस्तुत की। राजस्थान जयपुर से आई श्रंृगार की कवयित्री दीपिका माही ने कार्यक्रम को अलग ही रंग दिया, जिसमें पहली बार ससुराल गई नई नवेली बहू की आप बीती सुनाई और मोहब्बते के नगमें गा कर सभी का मन मोह लिया।
हास्य और व्यंग के कवियों ने जब रात्रि 2 बजे के लगभग अपना काव्य पाठ आरंभ किया तो उन्होंने हास्य के साथ आज की परिस्थितियों पर भी प्रेरणादायक व्यंग किए।

उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से हास्य में कई समाधान सुझाए। वहीं स्वच्छता पर भी कई कटु व्यंग प्रस्तुत किए। इस प्रकार लगभग 1 घंटे तक हास्य व्यंग के हजारों दृश्य श्रोताओं के सामने रख कर खूब वाहवाही बटोरी। वहीं मंच संचालक और वरिष्ठ कवि शशिकांत यादव ने राष्ट्र का गौरव बढ़ाने वाली कविताओं का पाठ करते हुए सुबह 4 बजे तक काव्य पाठ किया और श्रोताओं की दाद बटोरी।

कवि सम्मेलन में मेला समिति के अध्यक्ष डॉ.अशोक शर्मा, ममता प्रवीण पंवार, प्रकाश मुलेवा, शांति मेड़ा, मंजु अनिल मुलेवा, कमलेश चौधरी, मोहन मेडा, जगदीश जाटव, माया राजू सतोगिया, शंभुडी हरचंद्र डामर, किर्तीश चाणोदिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कटकानी और मंडल अध्यक्ष किर्तीश चाणोदिया ने किया।