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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदुवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में आरोपी की जमानत अर्जी की खारिज

सुनवाई करते हुए कोर्ट ने वहां के हालात और सबूतों को देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि जमानत के योग्य नही है। मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश राम किशोर शुक्ल ने दिया है। दाखिल अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी अधिवक्ता की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि, अपर शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र तिवारी और हरि नारायण शुक्ल ने की।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदुवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में आरोपी की जमानत अर्जी की खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदुवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में आरोपी की जमानत अर्जी की खारिज

प्रयागराज: हिंदुत्व नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। दाखिल जमानत अर्जी को जिला अदालत ने खारिज कर दिया है। यह जमानत अर्जी मुख्य आरोपी सैयद आसिम अली की ओर से दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने वहां के हालात और सबूतों को देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि जमानत के योग्य नही है। मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश राम किशोर शुक्ल ने दिया है। दाखिल अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी अधिवक्ता की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि, अपर शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र तिवारी और हरि नारायण शुक्ल ने की।

मामले में पैरवी के अनुसार वादिनी किरन तिवारी ने

लखनऊ के हिंडोला थाने में 18 अक्तूबर 2019 को अपने पति की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। याची और उसके साथियों पर हत्या करने का आरोप लगाया था। एफआईआर के मुताबिक याची और उसके साथियों ने मिलकर उसके पति की हत्या कर दी। वह अपने कार्यालय में लहूलुहान पड़े थे।

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इसी मामले में याची ने जमानत के लिए पहले भी अर्जी दाखिल की थी लेकिन अदालत ने उन्हें राहत नहीं दी थी। इसी मामले में दूसरी जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई हुई थी, जिसमें अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। मंगलवार को उसने अपना फैसला सुनाते हुए याची की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।

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