
इलाहाबाद हाईकोर्ट: पीडीए ने भवन का स्वीकृत नक्शा दाखिल करने को मांगा समय, अतिक्रमण हटाने को दुकानदारों को नोटिस
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण सिविल लाइंस स्थित इंदिरा भवन व्यावसायिक केंद्र का स्वीकृत नक्शा पेश नहीं कर सका, नक्शा दाखिल करने के लिए जनहित याचिका की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की खंडपीठ से समय मांगा। इसके साथ ही कोर्ट को बताया कि सफाई अभियान चल रहा है। अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों को नोटिस जारी की गई है। कोर्ट ने याचिका की सुनवाई की अगली तारीख 13 जुलाई नियत की है।
मामले में मोहम्मद इर्शाद उर्फ गुड्डू ने जनहित याचिका दायर कर इंदिरा भवन में अवैध कब्जा हटाने की मांग की है। इनका कहना है कि बिना अनुमति दीवाल हटाकर सटर लगा लिए गए हैं।खाली जगहों, पोडियम, बरामदों में अवैध दुकानें धड़ल्ले से चल रही है।चारों तरफ़ गंदगी का अंबार लगा है। विद्युत तारों का जाल बिछा है। लिफ्ट खराब रहती है। अग्नि शमन यंत्र की कमी है।
जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर भेजा था। जिसने अपनी रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि की है।जिसपर कोर्ट ने पी डी ए से भवन का स्वीकृत नक्शा पेश करने का निर्देश दिया था।
सरकार ने कोरोना काल मे कोविड 19 के मृतकों के आश्रितों के लिए 58189 वैकेंसी निकाली। इसमें याची की ओर से आवेदन करने पर डीएम प्रयागराज की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कमेटी की संस्तुति पर याची की नियुक्ति की गई और एक महीने 10 दिन काम करने के बाद जिला पंचायतराज अधिकारी ने यह कहकर याची की नियुक्ति निरस्त कर दी कि शासनादेश के क्रम में ग्राम पंचायत लौदखुर्द में ग्राम प्रधान की अनारक्षित सीट पर केवल सामान्य जाति को ही नियुक्ति दी जा सकती है।
Published on:
02 Jun 2022 03:42 pm
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