उत्तर प्रदेश पुलिस के कांस्टेबल मनोज कुमार का ट्रांसफर रोक दिया गया है। हाईकोर्ट ने प्रशासन के फैसले पर रोक लगाई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से यूपी पुलिस में कांस्टेबल मनोज कुमार को राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मनोज कुमार के ट्रांसफर पर रोक लगा दी है। मनोज ने पुलिस मेस में घटिया खाने का मु्द्दा उठाया था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद मनोज का ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके खिलाफ मनोज ने हाईकोर्ट में अपील की।
इलाहाबाद उच्च न्यायाल में कांस्टेबल मनोज की तरफ से कहा गया कि "ट्रांसफर का आदेश 20 सितंबर 2022 को जारी किया गया। भले ही सीधे तौर पर ये आदेश प्रशासनिक था लेकिन असल में इसके पीछे कारण कुछ और है। मनोज को घटिया खाने की शिकायत की सजा दी गई है।"
मामले में अगले साल होगी सुनवाई
कोर्ट ने अपने आदेस में कहा कि "मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी 2023 को होगी। उस तारीख तक 20 सितंबर 2022 का ट्रांसफर ऑर्डर प्रभावी नहीं होगा। अगर याचिकाकर्ता ने ज्वाइन न किया हो।"
मनोज ने अधिकारियों से की थी अपील
खराब खाने की शिकायत करने पर मनोज का तबादला कर दिया गया था। मनोज को फिरोजाबाद से 600 किलोमीटर दूर गाजीपुर जिले में ज्वाइन करने का आदेश दिया गया। मनोज कुमार ने अपने तबादले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। मनोज ने पुलिस अधिकारियों से इतनी दूर ट्रांसफर के आदेश को रद्द करने की अपील की थी।
उन्होंने ने अपने माता-पिता की खराब स्वास्थ्य स्थिति का हवाला भी दिया था। हालांकि उनकी अपील पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मनोज ने ये भी बताया कि वो परिवार में अकेला सदस्य है। उनके परिवार में 2 छोटे भाई और एक अविवाहित बहन समेत 6 लोग हैं।