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UP MLC Election 2022: इलाहाबाद कौशाम्बी एमएलसी सीट पर दो दिग्गजों के बीच होगा मुकाबला, सपा के बाद भाजपा ने उतारा उम्मीदवार, जाने कौन

यूपी विधानसभा चुनाव के बाद अब विधान परिषद चुनाव को लेकर जंग का मैदान छिड़ गया है। इस जंग में नामांकन का प्रक्रिया जारी है। समाजवादी पार्टी ने सबसे पहले इलाहाबाद कौशाम्बी सीट पर सिटिंग एमएलसी को दुबारा मैदान में उतारा है तो वहीं रविवार को भाजपा ने भी उम्मीदवार का नाम घोषित कर दिया है। विधानसभा की तरह अब विधान परिषद सीट पर सपा और भाजपा का मुकाबला तगड़ा है। जाने कौन है किस पर कितना भारी...

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UP MLC Election 2022: इलाहाबाद कौशाम्बी एमएलसी सीट पर दो दिग्गजों के बीच होगा मुकाबला, सपा के बाद भाजपा ने उतारा उम्मीदवार, जाने कौन

UP MLC Election 2022: इलाहाबाद कौशाम्बी एमएलसी सीट पर दो दिग्गजों के बीच होगा मुकाबला, सपा के बाद भाजपा ने उतारा उम्मीदवार, जाने कौन

प्रयागराज: यूपी विधानसभा के अब भाजपा विधान परिषद चुनाव में दांव लगाना शुरू कर दिया है। लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवार को लेकर इलाहाबाद कौशाम्बी सीट पर भाजपा ने नाम की घोषणा कर दी है। प्रदेश में कुल 36 सीटों के लिए चुनाव होना है। पहले चरण में भाजपा की तरफ से 30 प्रत्याशियों के नाम घोषित हुए हैं। इसी में से प्रयागराज से डा. केपी श्रीवास्तव उम्मीदवार बनाए गए हैं। उम्मीदवार के नाम घोषित होने के बाद से अब समाजवादी पार्टी के सिटिंग एमएलसी बासुदेव यादव और भाजपा उम्मीदवार डॉक्टर केपी श्रीवास्तव में भारी टक्कर है।

कौन किसपर है भारी

भाजपा के उम्मीदवार घोषित होने के बाद से ही अब लोगों में जीत हार की बातें होने लगी है। भाजपा और सपा में से किस उम्मीदवार को जीत हासिल होती है। अभी दोनों ही राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों के पक्ष में अपने सेटिंग्स का जाल बिछाने में जुटे हैं। समाजवादी ने फिर से बासुदेव पर भरोसा जताया है तो वहीं भाजपा के उम्मीदवार के नाम घोषित होने पर भाजपा समर्थकों ने बधाई देने में जुट गए हैं।

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21 मार्च को करेंगे नामांकन

भाजपा प्रत्याशी डा. केपी श्रीवास्तव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वह 21 मार्च को 11 बजे नामांकन करेंगे। अभी पार्टी के वरिष्ठों के साथ बैठकों का दौर चल रहा है। डॉक्टर केपी श्रीवास्तव के राजनीतिक सफर पर गौर करें तो वह अभी पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य हैं। इससे पहले वह 1993 में केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष चुने गए थे। 2000 में प्रयागराज के महापौर भी बने। उसके बाद अखिल भारतीय महापौर परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का भी दायित्व संभाल चुके हैं। संगठन की दृष्टि से देखें तो भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके पहले भी पिछले चुनावों पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए प्रचार करने प्रवास पर रहे थे। भाजपा ने उनकी काबिलियत और सपा को टक्कर देने के लिए मैदान में उतारा है।

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बासुदेव यादव फिर है दावेदार

भाजपा ने उम्मीदवार घोषित देर में किया है लेकिन दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के प्रयागराज के प्रत्‍याशी वासुदेव यादव वर्तमान में एमएलसी हैं। समाजवादी पार्टी उन्‍हें जीत दर्ज कराने के लिए प्रयासरत होगी। इसमें कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। फिलहाल मुकाबला दिलचस्‍प होने की उम्‍मीद जताई जा रही है। देखते हैं इस बार भाजपा या फिर से समाजवादी का कब्जा रहेगा।