
बाएं से अशरफ अहमद दाएं से अतीक अहमद
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद-अशरफ की हत्या कर दी गई। यह घटना 15 अप्रैल शनिवार रात साढ़े दस बजे की है। 3 हमलावरों ने दोनों भाइयों को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद से दोनों भाइयों पर आईएसआई कनेक्शन का दावा किया जा रहा था।
जीशान कमर की पासपोर्ट बनवाने में की थी मदद
अब हत्या के 10 दिन बाद माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के ISI कनेक्शन पर बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों भाई ISI की मदद करते थे। एक निजी चैनल ने दावा किया है कि उसके पास वो लेटर है, जिससे पता चलता है कि अशरफ ने करेली से गिरफ्तार आतंकी जीशान कमर की पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी।
ये जनवरी 2017 में लिखा गया था लेटर
अशरफ ने पासपोर्ट अधिकारी को पत्र लिखकर जीशान कमर को जानने और पासपोर्ट बनाने की बात लिखी थी। अशरफ ने अपने लेटर हेड पर जो पत्र पासपोर्ट अधिकारी को भेजा था, उसमें जीशान कमर को भली-भांति जानने की बात कही थी। ये लेटर जनवरी 2017 में लिखा गया था।
साल 2021 में जीशान कमर को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जीशान को पाकिस्तान में हथियार चलाने और प्रयागराज में रहकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी गई थी। ट्रेनिंग के बाद वह कुछ साथियों के साथ लखनऊ के रास्ते हथियारों को प्रयागराज ले आया और नैनी स्थित पोल्ट्री फार्म में छिपा दिया था।
पाकिस्तान से हथियार खरीदने की बात भी कबूली थी अतीक
वो आनलाइन खजूर बेचने के बहाने आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। हालांकि, हत्या से पहले प्रयागराज पुलिस की पूछताछ में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ ने ISI से अपने संबंध की बात स्वीकार की थी। अतीक ने पाकिस्तान से हथियार खरीदने की बात भी कबूली थी।
Updated on:
25 Apr 2023 02:04 pm
Published on:
25 Apr 2023 02:03 pm
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