
Cbi Raid
इलाहाबाद: रेलवे सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर के घर और दफ्तर में मंगलवार को सीबीआई ने छापेमारी की। सीबीआई ने एक साथ छह जगहों पर छापेमारी की। सीबीआई ने आरपीएफ के दो कार्यालयों में भी जांच पड़ताल की गई और कार्यालय के दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया। नार्थ सेंट्रल रेलवे के मुख्यालय में सीबीआई के छापे मारने की खबर पर हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर रेलवे के अन्य कर्मचारियों में खलबली मची रही । अधिकारी से जुड़े प्रदेश में तीन अन्य शहरो में भी छापेमारी की कार्रवाई की गई है।
आरपीएफ में तैनात इंस्पेक्टर संजय पाण्डेय के दफ्तर और रेलगांव स्थित सरकारी आवास पर मंगलवार को अचानक सीबीआई की टीम पहुंच गई। नार्थ सेन्ट्रल रेलवे के मुख्यालय सूबेदारगंज में सीबीआई के छापे से रेलवे और आरपीएफ के अधिकारी अचानक सकते में आ गये। सीबीआई की छापेमारी को लेकर तरह तरह के कयास लगाते रहे। सीबीआई की जांच टीम सबसे पहले नार्थ सेन्ट्रल रेलवे के मुख्यालय में पहुंची। जहां से सीबीआई की टीम आरपीएफ के शस्त्र मरम्मत कार्यशाला भी पहुंची। सीबीआई की टीम दोनों ही जगहों से जल्द ही अपनी कार्रवाई समेटकर रेलगांव स्थित आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय पाण्डेय के सरकारी आवास में दाखिल हुई।
आय से अधिक सम्पत्ति की हुई थी शिकायतें
संजय पाण्डेय के आवास में घंटों तक सीबीआई के अफसरों ने जांच पड़ताल की। संजय पाण्डेय इलाहाबाद और कानपुर स्टेशनों पर आरपीएफ इंस्पेक्टर के पद पर तैनात रहे हैं। मौजूदा समय में मुख्यालय में ही इंस्पेक्टर के पद पर उनकी तैनाती है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि आरपीएफ में तेज तर्रार इंस्पेक्टर माने जाने वाले संजय पाण्डेय पर आय से अधिक सम्पत्ति को लेकर कुछ शिकायतें हुईं थी। जिसको लेकर ही सीबीआई ने छापेमारी की कार्रवाई की है। नार्थ सेन्ट्रल रेलवे के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल ने सीबीआई की छापेमारी की पुष्टि कर दी है। लेकिन इसके पीछे क्या वजह हैए उन्होंने कुछ भी नहीं बताया है।
पैतृक गांव सहित रिश्तेदारों के यहां भी छापा
मंगलवार देर रात तक सीबीआइ जांच में जुटी रही और सरकारी आवास को पूरी तरह से बंद रखा गया। मिली जानकारी के अनुसार संजय पाण्डेय के गोंडा में स्थित पैतृक गांवए लखनऊ के आवास सहित नोएडा में रहने वाले एक करीबी रिश्तेदार के यहां भी छापा मारा गया है। जांच के दौरान बाहर आये एक ऑफिसर ने कुछ बताने से इंकार किया। सूत्रों के माने तो संजय पाण्डेय के खिलाफ कई बार भ्रष्टाचार में लिप्त होने की शिकायतें हुई है। संजय 2006.7 में यहां तैनात थेए बाद में उन्हें यहां से स्थान्तरित कर दिया गया था।
Published on:
28 Aug 2018 09:42 pm
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