
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी बिजली बिल से करोड़ों घोटाले की जांच ब्योरा को किया तलब
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत निगम के प्रबंधक निदेशक से विभाग के अभियंताओं कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं का फर्जी बिजली बिल बनाकर करोड़ों के भ्रष्टाचार की जांच के ब्यौरे के साथ व्यक्तिगत हलफनामा मांगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट को अधिकारियों के बिजली विभाग के उपभोक्ताओं को फर्जी बिल भेजने की बात स्वीकार करने के बावजूद की गई कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं दी गई।
अधिकारियों ने माना कि विभाग में फिल्म पुनरीक्षण के नाम पर फर्जी बिल तैयार करने का भ्रष्टाचार व्याप्त है। प्रबंध निदेशक ने इसकी जांच के लिए विशेष टीम गठित की है, लेकिन क्या कार्रवाई की गई इसकी जानकारी नहीं दी गई। कोर्ट ने प्रबंध निदेशक को 3 दिन में जांच का ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है।
मामले में यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी एवं न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के खिलाफ विभिन्न जिलों में निवासी पुत्तल जगदीश प्रसाद सतीश केसरवानी ब्रह्म दिन व अन्य की याचिका पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया है।
69 हजार शिक्षक भर्ती में एसटीएफ ने जांच के दौरान जानकारी एकत्रित किया था कि केएल पटेल का गंगापार में इंटर कालेज, फार्मेसी कॉलेज सहित कुल 6 कॉलेज हैं। मायापति दुबे के पास भदोही में आलीशान मकान, इंटरलाकिंग का भट्ठा और चंद्रमा यादव के पास भी कालेज समते कई तमाम प्रापर्टी है। ये प्रापर्टी 50 करोड़ रुपये से अधिक की है। इसके बाद गैंग से जुड़े गुर्गों को भी चिन्हित करके कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
22 Apr 2022 06:52 pm
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