
जवाहर पंडित मर्डर केस में उम्रकैद की सजा पाने वाले करवरिया बंधुओं को जेल में मिला यह काम
प्रयागराज | आजीवन कारावास की सजा पाने के बाद विचाराधीन कैदियों से सजायाफ्ता हुए माननीय रहे करवरिया बंधुओं का आज पहला दिन रहा । नैनी जेल में कैदी नंबर मिलने के बाद मंगलवार को यूपी के माननीय रहे पूर्व सांसद पूर्व विधायक पूर्व एमएलसी और पूर्व शिक्षक कैदी नंबर 511 कैदी नंबर 512 कैदी नंबर 513 और कैदी नंबर 514 के नाम से जाने जा रहे हैं।
करवरिया बंधु अपने राजनीतिक रसूख के चलते प्रदेश भर में अपनी मजबूत के लिए जाने जाते है। प्रयागराज मंडल सहित अन्य जिलों में भी करवरिया के नाम का सिक्का चलता है। ऐसे में सजायाफ्ता होने के बाद और आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद करवरिया के समर्थकों की धडकने बढ़ी रही। लेकिन भरी कचहरी में सोमवार को उदय भान करवरिया ने जो अपने समर्थकों से कहा कि मैं वापस आऊंगा कमजोर आदमी नहीं हूं। परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। उनके इस बयान ने थोड़ा ढांढस बंधाया है। जिससे उदास समर्थकों में थोडा उत्साह रहा।
वही सजा मिलने के बाद जेल में पहले दिन करवरिया बंधुओं को जेल मैनुअल के हिसाब से काम भी सौंपा गया है। पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया कैदी नंबर 511ए पूर्व विधायक उदयभान करवरिया 512ए पूर्व एमएलसी सूरज भान करवरिया कैदी नंबर 513 इन दोनों भाइयों को जेल में बंद कैदियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। करवरिया बंधु 300 बंदियों को जेल में पढ़ाने का काम किया। वही कैदी नंबर 514 राम चंद्र त्रिपाठी जेल के बंदियों से कराए जाने वाले खेती के काम की मॉनिटरिंग किये । जेल अधीक्षक हरी बख्स सिंह ने बताया कि रामचंद्र त्रिपाठी कृषि कार्य की मॉनिटरिंग में लगाए गए थे।अन्य तीनों सरवरिया बंधुओं से कैदियों को पढ़ाने का काम लिया जा रहा है।
गौरतलब है की करवरिया बन्धुओं को अदालत ने जवाहर पंडित हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजायाफ्ता होने के बाद करवरिया भाइयों को आज पहला दिन रहा ।
Published on:
05 Nov 2019 07:07 pm
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