
प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि का षोडसी भंडारा मंगलवार को संपन्न हुआ। बाघम्बरी मठ को चारों तरफ से फूलों से सजाया गया। महंत नरेंद्र गिरि की आत्मा को शान्ति मिले, इसके लिए नवनियुक्त उत्तराधिकारी बलबीर गिरि ने महंत नरेंद्र गिरि की समाधि स्थल पर पूजा पाठ कर रस्म निभाई। आचार्य महामंडलेश्वर ने नए उत्तराधिकारी की महंताई चादर पोषी की रस्म पूरी की। चादर पोषी रस्म पूरा होने के बाद षोडसी भंडारा शुरू किया गया।
निराजनीं अखाड़े के महंत सचिव रविन्द्र पुरी महाराज ने बताया कि महन्त नरेंद्र गिरि के श्रद्धांजलि सभा में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के 13 अखाड़ों में से 10 अखाड़ों के संत शामिल हुए हैं। सभी संतों ने उनकी आत्मा के शांति के लिए सभा में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही आचार्य महामंडलेश्वर और पीठाधीश्वर आचार्य की मौजूदगी में यह सभा शुरू की गई। आयोजन में 10 हजार से अधिक संत और महिलाओं की मौजूदगी रही।
बलबीर गिरि ने नरेंद्र गिरि की समाधि स्थल पर की पूजा
निराजनीं अखाड़े के सचिव ने बताया कि महंत नरेंद्र गिरि की आखिरी इच्छा को पूरी करते हुए महन्त बलबीर गिरि को बाघम्बरी मठ का उत्तराधिकारी बनाया गया है। यह परम्परा है कि महंताई चादर पोषी के पहले नवनियुक्त उत्तराधिकारी समाधि की पूजा पाठ करे। बलबीर गिरि ने समाधि पर पुष्प की हार पहनाकर और महंत नरेंद्र गिरि की समाधि पर सिर झुकाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। बलबीर गिरि ने समाधि की पूजा-पाठ करने के बाद महंताई चादर पोषी की रस्म में शामिल हुए।
पूरी हुई महंताई चादर पोषी की रस्म
महंत नरेंद्र गिरि की आखिरी इच्छा पूरी करते हुए नए उत्तराधिकारी बलबीर गिरि की चादर पोषी की रस्म निभाई गई। महन्त बलबीर गिरि के चादर पोषी रस्म में निराजनीं अखाड़े के पंच परमेश्वर, आचार्य महामंडलेश्वर, पीठाधीश्वर और देश के अलग-अलग कोने से आए संत साक्षी बने रहे। बलबीर गिरि को बैठाकर अखाड़ा परिषद के महंत और पंच परमेश्वर ने गुलाब के फूलों का माला पहनाकर चादर पोषी की। इसके बाद बारी-बारी से अखाड़ों के संतों ने चादर पोषी करके नए उत्तराधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी।
षोडसी भंडारे में शामिल हुए हजारों संत-महात्मा
महंत नरेंद्र गिरि के षोडसी भंडारा में हजारों संत-महात्मा शामिल हुए। महंताई चादर पोषी रस्म पूरा करने के बाद आचार्य महामंडलेश्वर ने षोडसी का भोजन ग्रहण किया। सभी संतों ने भोजन ग्रहण किया और इसके साथ श्रद्धालुओं ने भी पात में बैठकर षोडसी का प्रसाद ग्रहण किया है। लगभग 10 हजार से अधिक संत- महात्मा और 5 हजार से अधिक भक्त गढ़ षोडसी भंडारा में शामिल हुए।
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Updated on:
05 Oct 2021 04:41 pm
Published on:
05 Oct 2021 03:54 pm
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