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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में पेंच फंस गया है। छात्रवृत्ति के लिये दी गई जानकारियों और डेटा का दोबारा वेरिफिकेशन होगा। उसके पहले किसी की छात्रवृत्ति रिलीज नहीं होगी। इस बार दिये गए आवेदनों में कई खामियां पाई गइ हैं। इन खामियों को देखते हुए माइनाॅरिटी छात्रवृत्ति के सभी आंकड़ों का सत्यापन कर दोबारा भारत सरकार को भेजा जाएगा। प्रयागराज के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिव प्रकाश तिवारी ने मीडिया से बताया है कि केन्द्र सरकार ने एक बार फिर डेटा सत्यापन करने का निर्देश दिया है। इसे पूरा कर पांच फरवरी तक भेजना है। हालांकि उन्होंने बताया कि प्रयागराज में खामियों की शिकायत नहीं है।
भारत सरकार अल्पसंख्यक छात्रों को जो प्राथमिक से लेकर उच्चतर शिक्षा के लिये पोस्ट मेट्रिक और प्री मेट्रिक स्काॅलरशिप योजना के तहत जो छात्रवृत्ति देती है उसके लिये उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से आवेदन मांगे गए और आवेदनों को वेरिफाई कर उन्हें भारत सरकार को भेज दिया गया।
भारत सरकार को भेजे गए आंकड़ों में कई खामियां मिली हैं। कई स्टेट के कई जिलों की ओर से जो आंमड़े भेजे गए हैं उनमें खामियों की शिकायत के बाद भारत सरकार ने एक बार फिर इसका सत्यापन कराने का निर्देश दे दिया है।
अब इनका वेरिफिकेशन कर एक बार फिर सरकार को भेजना होगा। जिनसंस्थाओं की केवाईसी अप्रूव की गई है उनके नोडल अधिकारी का सत्यापन होगा। इसके अलावा बिना हाॅस्टल वाली जिन संस्थाओं ने हाॅस्टल के लिये भी अप्लाई किया है तो उनका आवेदन निरस्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
18 Jan 2021 12:36 pm

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