
अतीक अहमद
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
प्रयागराज. गुजरात की अहमदाबाद जेल में बंद पूर्व सांसद बाहुबली अतीक अहमद को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। विशेष अदालत ने अतीक की रिमांड नामंजूर किये जाने के खिलाफ सरकार की ओर से दाखिल निगरानी अर्जी को मंजूर कर अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने विवेचकों द्वारा दिये गए विवेचना प्रार्थना पत्र को भी जल्द निस्तारित करने का आदेश दिया है।
अतीक के खिलाफ दर्ज नौ आपराधिक मामलों में न्यायिक अभिरक्षा का वारंट वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बनाए जाने की अर्जी कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि प्रथम रिमांड के समय अभियुक्त का कोर्ट में मौजूद रहना जरूरी है। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से अधीनस्थ न्यायालय के आदेश 15 मई 2020 और 3 दिसंबर 2020 के खिलाफ डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट में निगरानी अर्जी दाखिल की गई। इसे बाद में एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।
स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने राज्य सरकार की निगरानी अर्जी को मंजूर करते हुए अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पूर्व में पारित दोनों आदेशों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने विवेचना प्रार्थना पत्र का भी शीघ्र निस्तारण करने का आदेश दिया है।
उधर योगी सरकार की बाहुबलियों और माफिया लगातार कस रहे शिकंजे के तहत अतीक अहमद के खिलाफ छह साल पहले हुए मरियाडीह डबल मर्डर समेत तीन मामलों में चाजशीट दाखिल कर दी गई है। कहा जाता है कि 2015 में मरियाडीह में हुए अल्कमा-सुरजीत डबल मर्डर को अतीक के इशारे पर अंजाम दिया गया था। 2016 में झलवा निवासी जितेन्द्र पटेल की हत्या का आरोप भी अतीक और उसके लोगों पर लगा था। तीसरा मामला 2018 में जैद खालिद को अगवाकर देवरिया जेल लेजाकर पीटने जैसे आरोप का है। इन तीनों मामलों में अतीक की रिमांड मंजूर नहीं होने के चलते विवेचना लंबित थी। अब रिमांड मंजूर होने के बाद पुलिस ने इन मामलों में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
Published on:
21 Mar 2021 08:54 pm

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