18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अतीक कि पत्नी शाइस्ता को पकड़ेगी ‘मशीन’ पुलिस के फेल होने के बाद तैयार हो रहा स्पेशल मिशन ‘डॉट पैटर्न’

Shaista Parveen: प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड को लगभग 6 महीने होने को हैं। उमेश के हत्या आरोपी अतीक अहमद और अशरफ दोनों भाईयों कि 15 अप्रैल को हत्या हो चुकी है। लेकिन, इन सबके बीच यूपी पुलिस के लिए सबसे मिस्ट्री वुमन साबित हुई है अतीक कि पत्नी शाइस्ता परवीन। शाइस्ता को पकड़ने के लिए पुलिस ने ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है। इस प्लान को ‘डॉट पैटर्न’ के मदद से बनाया गया है। जानिए क्या है डॉट पैटर्न। कैसे इसके मदद से पुलिस शाइस्ता को पकड़कर जेल भेजने कि तैयारी कर रही है।

3 min read
Google source verification
shaista_one.jpg

UP Police vs Shaista Parveen: यूपी में लगातार 2 बार योगी आदित्यनाथ के अगुवाई में बीजेपी कि सरकार बनने के बाद पार्टी इस बाद का दावा करती है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिल्कुल टाइट है। पिछली सरकारों के मुकाबले कानून बिल्कुल सख्त है। अपराधियों के लिए सरकार जीरो टोलरेंस नीति के तहत एक्टिवली काम कर रही है।

अतीक के काले साम्राज्य की चाबी अब उसकी बेगम के हाथ में है, लेकिन पुलिस माफिया की बेगम तक पहुंच ही नहीं पा रही। कई बार छापेमारी हो चुकी है, कई ठिकानों में तलाश की गई है। शाइस्ता परवीन पर इनाम भी घोषित है और लुक आउट नोटिस भी, लेकिन न जाने ये लेडी माफिया किस पाताल में जाकर छुप गई है। शाइस्ता को फरार हुए 6 महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन अब पुलिस ने तैयार कर लिया है एक मास्टर प्लान।
यह भी पढ़ें: Mission 2024: घोसी चुनाव हारने के बाद BJP कराएगी पॉलिटक्स का महाकुंभ, सबसे बड़े वोट बैंक को साधने की नई स्ट्रैटजी
शाइस्ता को पकड़ने की मशीन तैयार!
उत्तर प्रदेश पुलिस अब शाइस्ता को गिरफ्तार करने में और देर नहीं करना चाहती। खबरें आ रही हैं कि शाइस्ता परवीन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से जाल बिछाया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एक ऐसी मशीन जो इंसानी दिमाग से तेज और फेक्चुअल तरीके से काम करती है। अब यही मशीन पुलिस को शाइस्ता के उस अड्डे तक पहुंचाएगी जहां वो पिछले 6 महीने से छुपी हुई है।

डॉट पैटर्न से यूपी पुलिस पहुंचेगी शाइस्ता तक
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अपराधियों को पकड़ने के लिए भी किया जाता है। इसमें डॉट पैटर्न की मदद से पुलिस आसानी से अपराधी तक पहुंचती है। डॉट पैटर्न यानी एक एक कड़ी को जोड़कर अपराधी तक पहुंचना।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई (AI) के लिए शाइस्ता और अतीक से जुड़े बारीक से बारीक डाटा को इकट्ठा करना बेहद आसान काम है। बस ये मशीन इस डाटा और जानकारी के आधार पर एक खाका तैयार करेगी और पुलिस को इस लेडी माफिया तक पहुंचाएगी।

5 हजार स्पेशल कैमरों में कैद होगी शाइस्ता?
ऐसी भी खबरें आ रहीं है कि इस मास्टर प्लान के तहत 5 हजार स्पेशल कैमरों की मदद ली जा रही है। पुलिस को जिन इलाकों में शाइस्ता के होने का शक है वहां पर ये एचडी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं, ताकी शाइस्ता परवीन के मददगारों पर निगरानी रखी जा सके। शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड के बाद फरार हो गई थी।

शाइस्ता के फरार होने के बाद ही अतीक अहमद और उसके देवर अशरफ की हत्या हुई थी, लेकिन शाइस्ता अपने पति के इंतकाल में भी नहीं पहुंची। यहां तक अपने बेटे असद के एनकाउंटर के बाद भी वो उसे आखिरी बार देखने नहीं आई।
यह भी पढ़ें: Video: गरीब बच्चों कि फीस भरने वाले CDO अधिकारी का ट्रांसफर, रो पड़े स्कूल के बच्चे, भावुक कर देगा वीडियो
6 महीने से है उत्तर प्रदेश पुलिस को शाइस्ता की तलाश
कहा जा रहा है कि शाइस्ता परवीन की मदद अतीक अहमद का सबसे भरोसेमंद शूटर गुड्डू मुस्लिम कर रहा है। गुड्डू मुस्लिम भी तब से ही फरार है। वो भी उमेश पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी है और बम फेंकते हुए उसका वीडियो भी पुलिस के पास मौजूद है। शाइस्ता परवीन के अलावा यूपी पुलिस को अतीक के ही परिवार की एक और महिला जैनब फातिमा की भी तलाश है।

जैनब फातिमा अशरफ की पत्नी है। अशरफ की मौत के बाद से वो भी फरार हो गई थी। वैसे तो पुलिस ने अतीक से जुड़े सारे नेटवर्क को उत्तर प्रदेश में खत्म कर दिया है, लेकिन बावजूद इसके इन तीनों को पकड़ना मुश्किल हो रहा है। अब देखना ये है कि अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम करता है तो कितने दिन में शाइस्ता की गिरफ्तारी हो पाती है।