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Prayagraj News:23 साल बाद रेलवे में ऐतिहासिक बदलाव,अब यार्ड मास्टर और ट्रैफिक इंस्पेक्टर भी कहलाएंगे “स्टेशन मास्टर”

Railways Reform:रेलवे प्रशासन ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पदनामों की जटिलता समाप्त की है। रेलवे बोर्ड ने यार्ड मास्टर ट्रैफिक इंस्पेक्टर जैसे पदों को एकीकृत कर 'स्टेशन मास्टर' कैडर में शामिल किया है, जिससे लाखों कर्मचारियों को करियर में स्पष्टता मिलेगी।
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प्रयागराज

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Avanish Kumar

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Updated: 20 May 2026, 6:14 PM IST

Indian Railways

सांकेतिक फोटो

Indian Railways:रेलवे प्रशासन ने वर्षों से चली आ रही पदनामों की जटिलता को खत्म करते हुए एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी कर यार्ड मास्टर और ट्रैफिक इंस्पेक्टर जैसे पुराने पदनामों को समाप्त कर उन्हें अब एकीकृत रूप से “स्टेशन मास्टर” कैडर में शामिल कर दिया है। इस फैसले को रेलवे के मानव संसाधन ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है, जिससे लाखों कर्मचारियों की सेवा पहचान और करियर संरचना में स्पष्टता आएगी।

दो दशक पुरानी उलझन का हुआ अंत

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2003 में इन पदों का तकनीकी रूप से विलय कर दिया गया था, लेकिन फील्ड ड्यूटी, रिकॉर्ड और डिजिटल मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) में पुराने पदनाम अब तक दर्ज थे। इसके कारण कर्मचारियों की पहचान, सेवा पुस्तिका और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगातार असमानता और भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। अब रेलवे बोर्ड के नए निर्देश के बाद सभी संबंधित कर्मचारियों को आधिकारिक रूप से “स्टेशन मास्टर” के रूप में ही मान्यता दी जाएगी।

कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा लाभ

इस एकीकरण का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पदोन्नति प्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी और एकरूप हो जाएगी। पहले अलग-अलग पदनामों के कारण वर्दी भत्ता, प्रमोशन नियम और कार्य विभाजन में कई तरह की जटिलताएं सामने आती थीं। अब एक ही कैडर में सभी कर्मचारियों के आने से प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज और आसान होंगी।साथ ही करियर ग्रोथ के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे कर्मचारियों को उच्च पदों तक पहुंचने में अधिक सुविधा मिलेगी।

स्टेशन मास्टर की भूमिका होगी और व्यापक

रेलवे में स्टेशन मास्टर को संचालन व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। वे ट्रेनों की आवाजाही, सिग्नल संचालन और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। वहीं यार्ड मास्टर मुख्य रूप से बड़े जंक्शनों और मालगाड़ी मार्शलिंग यार्ड में कार्य करते थे। ट्रैफिक इंस्पेक्टर परिचालन व्यवस्था की निगरानी और नियंत्रण का काम देखते थे। नई व्यवस्था के तहत इन सभी जिम्मेदारियों को एकीकृत कर दिया गया है, जिससे संचालन प्रणाली अधिक मजबूत और समन्वित होगी।

पदोन्नति में खुलेगा नया रास्ता

नई संरचना के अनुसार, कर्मचारियों को स्टेशन मास्टर से आगे स्टेशन अधीक्षक, सहायक परिचालन प्रबंधक (ग्रुप बी राजपत्रित), मंडल परिचालन प्रबंधक (ग्रुप ए सीनियर स्केल) और वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक जैसे उच्च पदों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।