
माफिया अतीक के अधिवक्ता विजय मिश्रा को एसआइटी ने नोटिस भेजा है। अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में विजय मिश्रा की ओर से अब तक बयान नहीं दर्ज कराया गया है। ऐसे में एसआइटी ने नोटिस देकर वकील को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
अधिवक्ता विजय के खिलाफ फर्नीचर कारोबारी ने तीन करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में अतरसुइया थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसमें वह वांछित चल रहा है। इस आधार पर कहा जा रहा है कि अधिवक्ता हत्याकांड में अपना बयान अंकित कराने से बच रहा है।
बताया गया है कि अतीक और उसके भाई को पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने के साथ ही अदालत ने अधिवक्ता को सौ मीटर दूर तक साथ रहने की अनुमति दी थी। पुलिस जब दोनों भाईयों को लेकर कहीं आती-जाती थी तब विजय मिश्रा साथ रहता था।
15 अप्रैल को हुई थी अतीक की हत्या
15 अप्रैल की रात मोतीलाल नेहरू (काल्विन) अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने के दौरान भी वकील विजय मौजूद था। इसी बीच मीडियाकर्मी बनकर आए शूटरों ने अतीक व अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
सूत्रों का कहना है हत्याकांड की विवेचना कर रही एसआइटी ने सीसीटीवी व वीडियो फुटेज को खंगाला, जिसमें घटनास्थल के पास विजय की उपस्थिति मिली थी। इसी आधार पर उसे बयान देने के लिए कई बार बुलाया गया, लेकिन नहीं आया।
पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि अब विजय मिश्रा को नोटिस भेजकर हत्याकांड में बयान देने के लिए कहा गया है। हालांकि एसआइटी की ओर से प्रतापगढ़ जेल में बंद हत्यारोपित लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्या के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट फाइल की जा चुकी है। हत्याकांड की विवेचना अभी प्रचलित है, जिसके क्रम में अतीक के वकील से पूछताछ करते हुए बयान लिए जाने की बात कही गई है।
Updated on:
23 Jul 2023 12:57 pm
Published on:
23 Jul 2023 12:40 pm

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