रायबरेली एम्स के डॉक्टर सुभाष चंद्र यादव ने सुसाइड नोट लिखकर लगाई थी फांसी, सुसाइड नोट पढ़कर लोग रह गए हैरान। लिखा-
डॉक्टर सुभाष चंद्र यादव ने सुसाइड नोट में अपना दर्द और जान देने की वजह बयां की है। डॉक्टर ने अपनी प्रेमिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. सुभाष ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था। इन दिनों वह रायबरेली एम्स में प्रैक्टिस कर रहे थे। डॉक्टर की मौत से परिजन व्यथित हैं। डॉक्टर के पिता ने बेटे के प्रेमिका और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
सुभाष के पिता अभिमन्यु यादव ने पुलिस को तहरीर देकर कहा कि सुभाष की मौत की जिम्मेदार उसे प्रेम जाल में फंसाने वाली चंद्रप्रभा यादव है। सुसाइड नोट के आधार पर नर्सिंग अफसर चंद्रप्रभा यादव और उसके भाई शिवराज यादव निवासी वीरपुर, करछना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
सुसाइड नोट में ये लिखा
आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में डॉक्टर सुभाष ने लिखा कि 'मैं प्यार के चक्कर में बर्बाद हो गया, मेरी मौत के मेरी प्रेमिका और उसका भाई जिम्मेदार है। 9 लाख रुपए देकर चंद्रप्रभा को अस्पताल में नर्सिंग अफसर बनवाया। अब वो मुझे ब्लैकमेल कर रही है। जहां भी मेरी शादी तय होती है, वहां से तुड़वा देती है। इसका भाई धमकी देता है कि तुम्हें बलात्कार केस में फंसवा देंगे।' नोट में लिखा है कि वे कहते हैं, न जीने देंगे न मरने देंगे, ऐसे ही तड़पाते रहेंगे।
पुलिस के मुताबिक 6 जुलाई को सुभाष चंद्र रायबरेली से अपने दोस्त जितेंद्र गुप्ता के कमरे में आए थे। जितेंद्र किसी काम से कुछ दिनों के लिए बाहर गये थे। उस वक्त सुभाष कमरे पर अकेले थे। गुरुवार दोपहर बाद पिता ने फोन किया तो सुभाष का फोन नहीं उठा। पिता ने परेशान होकर जितेंद्र को फोन किया। बात करने के बाद जितेंद्र शाम को अपने कमरे पर पहुंचा। जहां सुभाष पंखे से लटका मिला।