
राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल किए गए स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती , कहा एक व्यक्ति के पैसे से मंदिर का निर्माण नही
प्रयागराज | अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र राष्ट्र की घोषणा कर दी है। श्री राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट में जगतगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती को भी सम्मिलित किया गया है। जिसको लेकर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा है कि अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर जनता जनार्दन के सहयोग और धन से निर्मित होगा।
स्वामी वासुदेवानंद ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित किए गए 30 करोड़ से अधिक की धनराशि मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशने में खर्च हुई है। जबकि एक करोड़ नौ हजार अभी भी राम मंदिर जन्मभूमि न्यास के कोष में है। ये धनराशि नवगठित ट्रस्ट को जल्द ही सौंप दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर हिंदू नव वर्ष से लेकर हनुमान जयंती तक भगवान श्री राम का मंदिर का निर्माण शुरू हो सकता है। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर का निर्माण विश्व हिंदू परिषद द्वारा तैयार किए गए मॉडल पर ही किया जाएगा।कहा कि विहिप के प्रस्तावित मॉडल पर जन आकांक्षाओं के अनुरूप अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि हिंदू नव वर्ष के आरंभ से लेकर हनुमान जयंती के बीच निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा सकता है। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा है कि मंदिर निर्माण के लिए आम लोगों से सवा रुपए से लेकर 11 तक का भी सहयोग लिया जाएगा ।लेकिन किसी भी एक व्यक्ति के पैसे से राम मंदिर का निर्माण नहीं किया जाएगा।
बता दें कि वासुदेवानंद सरस्वती रूप से जुड़े धार्मिक गुरु है। राम मंदिर आंदोलन में 1984 से सक्रिय भूमिका निभाई है ।विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे स्वर्गीय अशोक सिंघल के बेहद करीबी संतों में जाने जाते रहे हैं। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती प्रयागराज के अलोपीबाग़ आश्रम में रहते है। बीते दिनोंशहर में आएं सीएम योगी ने मुलाक़ात कर इनके सम्मलित होने के संकेत दे गये थे ।
Published on:
06 Feb 2020 08:04 am
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