
महंत नरेंद्र गिरि का जिस कमरे में हुई थी संदिग्ध मौत, अब उस कमरे को खोलने के लिए कोर्ट में क्यों पड़ी अर्जी, जाने वजह
प्रयागराज: साधु-संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में कमरे में शव मिला था। महंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच सीबीआई की हाथों में है। जिस कमरे में महंत की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी उस कमरे को सीबीआई ने सील कर दिया था। अब उसी कमरे को खोलने के लिए मठ बाघम्बरी गद्दी के महंत बलवीर गिरि ने कोर्ट में अर्जी दी है। अर्जी में कहा गया है कि मठ का कामकाज सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिस कमरे में महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु हुई थी उसमें बंद ताले को खोला जाए।
कमरे को खोलने के लिए दी गई अर्जी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या के बाद से सील उनके कमरे को खोलने के लिए मठ बाघम्बरी गद्दी के महंत बलवीर गिरि ने कोर्ट में अर्जी दी। प्रभारी जिला जज एवं एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश रामकेश ने प्रयागराज के जार्जटाउन थाना से आख्या तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।
सील हुए कमरे को खोलने के लिए दारागंज स्थित मठ बाघम्बरी गद्दी के महंत बलवीर गिरि ने कोर्ट में अर्जी दी है। याची के अधिवक्ता ऋषि शंकर द्विवेदी ने मामले में बहस की। अर्जी में कहा गया है कि मठ का कामकाज सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिस कमरे में महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु हुई थी, उसमें बंद ताले को खोला जाए। मौत के बाद से ही मठ के संचालन कार्य के लिए प्रबंधकीय अधिकार बलवीर गिरि को प्राप्त हैं, सभी विधि परंपरागत धार्मिक रीति रिवाज अनुष्ठान आदि पूर्ण कार्रवाई संपन्न हो चुकी है। मठ के महंत होने के नाते सभी कागजातों के अवलोकन करने एवं उसे सुरक्षित रखने का पूर्ण अधिकार है।
पंखे में रस्सी से लटकते मिले थे महंत
20 सितंबर 2021 को महंत नरेंद्र गिरि पंखे में रस्सी द्वारा लटकते हुए पाए गए थे। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आनंद गिरि, संदीप तिवारी और आद्या प्रसाद जेल में बंद है। मामले में आरोपी जमानत के लिए न्यायालय में दरबाजा खटका रहे हैं।
Published on:
12 Mar 2022 03:16 pm
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