
इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा ये मामला बरेली का है।
UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में धर्म छुपाकर दोस्ती करने और फिर शादी का वादा करके रेप करने के आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। आरोपी ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाते हुए जमानत मांगी थी। बरेली के इस युवक की अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा कि इस मामला में आरोपी ने खुद को अलग धर्म का बताकर पीड़िता से नजदीकी की। इसके बाद उसकी मर्जी के बिना उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। अदालत इसे गंभीर मानती है और आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करती है।
क्या है मामला
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पिछले साल अगस्त में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने खुद की मुस्लिम पहतान छिपाते हुए खुद को विशाल के रूप में पेश किया। दोनों की बातें होने लगी तो आरोपी ने उसकी निजी तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ बार-बार बलात्कार किया गया।
पीड़िता को बाद में पता चला कि वह मुस्लिम है और उसका नाम चांद है। पीड़िता ने उससे पूछा कि उसने खुद को एक हिंदू लड़के के रूप में क्यों पेश किया तो उसने सीधा जवाब नहीं दिया। उल्टे लड़की को मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया। इसके बाद लड़की थाने पहुंची और एफआईआर दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। मामले में स्थानीय अदालत से जमानत ना मिलने पर आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दी।
अदालत ने कहा कि पीड़िता ने एफआईआर के साथ-साथ 164 के तहत दर्ज अपने बयानों में कहा कि लड़के ने खुद को एक हिंदू बताया। इसके बाद उसने पहले शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाए। बाद में तस्वीरें वायरल करने की बात कहकर उससे रेप किया। कि वह उसकी अवांछित तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल देगा। ये मामला गंभीर है और उसकी जमानत अर्जी रद्द की जा रही है।
Updated on:
06 Jun 2023 05:50 pm
Published on:
06 Jun 2023 05:44 pm

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