
UP Police Recruitment 2023: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में अपना कॅरिअर तलाश रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। साल 2018 में की गई पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर नया आदेश आया है। इसके तहत साल 2018 से तैनाती का इंतजार कर रहे 603 युवाओं की जल्द ही नौकरी लगने वाली है। सरकार को इसकी पूरी प्रक्रिया 6 सप्ताह में पूरी करनी है। जबकि दूसरी ओर यूपी पुलिस में अब तक की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया के नोटिफिकेशन के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। इसके लिए एजेंसी का चयन होने के बाद विस्तृत कार्यक्रम जारी होगा। हालांकि नवंबर महीने की दो तारीखें पुलिस भर्ती को लेकर अहम मानी जा रही हैं। इनमें एसआई भर्ती के लिए 7 नवंबर तक आपत्तियां मांगी गई हैं। यह प्रक्रिया पूरी होते ही चयनित अभ्यर्थियों को सब इंस्पेक्टर बनने का मौका मिलेगा। दूसरी ओर, 10 नवंबर को सहायक निरीक्षक के पदों के लिए टाइपिंग परीक्षा होनी है।
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ओर से उत्तर प्रदेश में कॉन्स्टेबल के 52699 पदों पर भर्ती की घोषणा हो चुकी है। हालांकि इस भर्ती के लिए अभ्यर्थी नोटिफिकेशन जारी का इंतजार कर रहे हैं। ये भर्ती वन टाइम रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी OTR के तहत की जाएगी। इस भर्ती के लिए नवंबर और दिसंबर के बीच किसी भी समय नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है। इसकी ज्यादा जानकारी के लिए आप उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूपी पुलिस में मृतक आश्रित कोटे से सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के बाद आपत्तियां मांगी गई हैं। एसआई के पदों पर शारीरिक दक्षता परीक्षा 26 अक्टूबर को कराई गई थी। जिसमें पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर प्रकाशित करते हुए ऑनलाइन आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके लिए यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने जानकारी दी है कि आपत्ति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए लिंक के जरिए भेजी जाएं। पुलिस भर्ती बोर्ड ने यह भी कहा है कि 7 नवंबर की रात 12 बजे के बाद मिली आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही आपत्ति दाखिल करते समय इसका साक्ष्य देना जरूरी किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूपी पुलिस में एएसआई लिपिक की हिंदी और अंग्रेजी कंप्यूटर टाइपिंग परीक्षा राजधानी लखनऊ में 10 नवंबर को होगी। जबकि यूपी पुलिस भर्ती से जुड़े एक अन्य मामले में पुनरीक्षित परिणाम घोषित किया जाना है। दरअसल, साल 2018 की पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में एक सवाल का गलत विकल्प दिया गया था। इसके चलते यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया था। इसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड को एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि पब्लिक नोटिस जारी कर साल 2018 के सफल अभ्यर्थियों को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
यानी साल 2018 में चयनित किए गए अभ्यर्थियों का मेडिकल करवाकर खाली रह गये 603 पदों पर नियुक्त किया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार प्रदेश सरकार को यह प्रक्रिया छह सप्ताह में पूरी करनी होगी। इसमें खास बात है कि इस आदेश का लाभ हाईकोर्ट में अपील करने वाले अभ्यर्थियों को ही मिलेगा। नियुक्त होने वाले वरिष्ठता श्रेणी में सबसे नीचे रखें जाएंगे और इन्हें नियुक्ति तिथि से ही वेतन पाने का हक होगा। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक इस प्रक्रिया का पहले से नियुक्त सिपाहियों पर नहीं पड़ेगा।
दरअसल, इस मामले में हाईकोर्ट पहुंचे याचीगण यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में चयनित भी हुए थे, इनके दस्तावेजों का सत्यापन भी गया था। इसके बाद इन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए भेजा गया, लेकिन जब चयन सूची जारी की गई तो तमाम याचियों का नाम उसमें नहीं था। इसमें सभी याचियों को कट ऑफ अंक के लगभग समान अंक मिले थे। इसमें बताया गया कि प्रश्न 68 का सही विकल्प 'सी' था।
जबकि उत्तर में विकल्प 'डी' दिया गया था। विशेषज्ञ रिपोर्ट में याचियों की आपत्ति सही पाई गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने बोर्ड से पूछा कि कितने पद खाली रह गए हैं। इस पर भर्ती बोर्ड ने कोर्ट को बताया कि कांस्टेबल भर्ती के अभी 603 पद खाली हैं। जिन्हें अगली भर्ती में भरा जाएगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने सही जवाब देने वालों को निर्धारित अंक देकर लिखित परीक्षा का पुनरीक्षित परिणाम घोषित करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जो याची मेडिकल टेस्ट में सफल हों, उन्हें खाली पदों पर नियुक्ति दी जाए।
Updated on:
04 Nov 2023 08:01 pm
Published on:
04 Nov 2023 08:00 pm
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