फतेहपुर. यूपी में जनता की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली पुलिस का का ने एक युवक की इस कदर पीटा कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हो गई। नाराज ग्रामीणों ने युवक का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जिम्मा संभाला और किसी तरह से समझा बुझाकर धरने को समाप्त कराया। दरअसल पल्टू का पुरवा गांव के रहने वाले धनीराम का किसी बात को लेकर पड़ोसी से विवाद चल रहा था। मामले की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और इन्हे थाने लेकर चली गई। थाने में बंद करके पुलिस ने धनीराम को बुरी तरह पीटा। जब पीड़ित की हालत गंभीर होने लगी तो थाने से उसे छोड़ दिया गया। जब धनीराम घर पहुंचा तो उसकी हालत देख परिजनों के होश उड़ गये। घर वालों ने जल्द उसे असप्ताल में दाखिल कराने का फैस ला किया। परिजन उसे लेकर इलाज के लिए अस्पताल भागे। यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने कहा जानवरों की तरह पीटा गया
युवक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। लोग पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में धनीराम को जानवरों की तरह पीटा गया। उन्होने ये भी कहा कि शरीर पर चोट के निशान इस बात की गवाही कर रहे थे कि यूपी की पुलिस कितना क्रूर है। सात ही एक दो नहीं शरीर पर पिटाई के कई जख्म देखकर हर किसी को यह पता चलता कि पुलिस जेल में हैवानों की तरह सलूक करती है।
बांदा-कानपुर रोड जाम कर प्रदर्शन
परिजनों ने ललौली थान के पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बांदा-कानपुर सड़क पर युवक का शव रखकर जाम लगा दिया। जाम के बाद पुलिस और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जाने लगी। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने लगी। जिले के बड़े अधिकारियों को जब मामले की जानकारी हुई तो उनके हाथ-पांव फूल गये। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया तब जाकर हालात सामान्य हुए। पर पुलिस का ऐसा क्रूर चेहरा खाकी की कार्यशैली पर ही सवालिया निशान खड़े कर रहा है। आखिर जनता की रक्षा करने वाली यूपी पुलिस किसी के जान की दुश्मन कैसे हो सकती है।