
सर्वे में खुलासा...63 प्रतिशत लोग नेताओं की कोशिशों से संतुष्ट नहीं
अलवर को संभाग बनाना चाहते हैं 98 फीसदी लोग
- राजस्थान पत्रिका की ओर से गूगल फॉर्म सर्वे करवाया गया, करीब 550 लोगों ने दी अपनी राय
- कहा, संभाग बनने से कानून व्यवस्था में होगा सुधार, विकास की गति बढ़ेगी, कद होगा ऊंचा
अलवर. प्रदेश सरकार ने नए जिले बना दिए। अलवर को ही दो टुकड़ों में विभक्त करके खैरथल-तिजारा व कोटपूतली-बहरोड़ जिला बना दिया। अब अलवर को 98.1 फीसदी लोग संभाग बनते देखना चाहते हैं लेकिन यही लोग नेताओं की कोशिशों से असंतुष्ट हैं। जिले के 63.7 फीसदी लोगों ने सर्वे में बताया है कि वह नेताओं की कार्य प्रणाली को लेकर खुश नहीं हैं। यानी अलवर को संभाग बनाने में जो मेहनत नेताओं को करनी चाहिए थी वह नहीं दिख रही।
ये आंकड़े राजस्थान पत्रिका की ओर से जिलेभर से भरवाए गए गूगल फॉर्म के जरिए सामने आए हैं। इस सर्वे में करीब 550 लोगों ने अपनी राय दी है। सात सवालों के जवाब में इन लोगों ने अपनी हिस्सेदारी ली है। लोगों का मानना है कि अलवर संभाग बनेगा तो निश्चित रूप से इस जिले को नई पहचान मिलेगी। जनता को सुविधाएं मिलेंगी। उद्योगों की संख्या वृदि्ध होगी। विकास की गति बढ़ेगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने में और मदद मिलेगी। यानी लोगों ने संभाग के जरिए समग्र विकास की नींव रखी है।
सवाल - क्या अलवर को संभाग का दर्जा मिलना चाहिए ?
जवाब - हां (98.1%)
नहीं (1.9%)
सवाल - अलवर को संभाग बनाने के लिए क्या आप राजनेताओं की कोशिशों से संतुष्ट हैं ?
जवाब - हां (36.3%)
नहीं (63.7%)
सवाल - अलवर को संभाग बनाने से क्या विकास की गति तेज होगी?
जवाब - हां (96.5%)
नहीं (3.5%)
सवाल - संभाग बनाने से क्या प्रदेश में अलवर का कद बढ़ेगा?
जवाब - हां (98.4%)
नहीं (1.6%)
सवाल - संभाग बनाने से क्या अलवर को बड़े प्रोजेक्ट्स मिलेगें?
जवाब - हां (96.5%)
नहीं (3.5%)
सवाल - संभाग बनाने से क्या अलवर के उद्योग और व्यापार को गति मिलेगी ?
जवाब - हां (96.7%)
नहीं (3.3%)
सवाल - क्या संभाग बनाने से अलवर की कानून व शांति व्यवस्था और सुधरेगी ?
जवाब - हां (94.8%)
नहीं (5.2%)
Published on:
24 Sept 2023 11:26 am

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