भर्तृहरि धाम : डीजे की तेज आवाज के कम्पन से टूट कर गिर रहे छत्ते, हो चुके श्रद्धालुओं पर दो हमले
राजगढ़. क्षेत्र में मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं होने के बावजूद प्रशासन नींद से नहीं जाग पाया है। यह स्थिति जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय परिसर में टंकी एवं राजगढ़ सीएचसी परिसर में पीपल के पेड़ पर बड़ी मधुमक्खियों का लगा छत्ता दर्शा रहा है। यह ही स्थिति आस्था की राह भर्तृहरि धाम के रास्ते में है।
भर्तृहरि धाम जाने वाले पदयात्रियों पर डीजे की तेज आवाज के कम्पन से माचाड़ी-कोठीनारायणपुर के पास पीपल के पेड़ पर लटक रहे बड़ी मधुमक्खियों के छत्ते का कुछ हिस्सा गत रविवार व मंगलवार को गिरने से दो घटनाएं हो चुकी है। इनमें दौसा जिले के मंडावर व महवा क्षेत्र के 65 से अधिक पदयात्री घायल हुए थे।
मंडावर व महवा से भर्तृहरि धाम के लिए पदयात्रियों के दो दल डीजे की आवाज के साथ माचाडी -कोठीनारायणपुर मार्ग के मध्य से गुजर रहे थे। मुरलीपुरा के पास डीजे की कम्पन से पीपल के पेड़ से बड़ी मधुमक्खियों के छत्ते का कुछ हिस्सा दो दिन गिरने से बड़ी मधुमक्खियों के हमले से करीब 65 पद यात्री घायल हो गए थे। गम्भीर घायल आठ पद यात्रियों का राजगढ़ व ढिगावाडा के चिकित्सालय में उपचार कराया था।और हो सकते हैं हादसे
राजेन्द्र कुमार जैन, महेन्द्र कुमार सैनी आदि का कहना है राजगढ़ कस्बे के सीएचसी परिसर स्थित मुख्य गेट के पास पीपल के पेड़ पर बड़ी मधुमक्खियों का छत्ता है। करीब दस दिन पहले छत्ते का कुछ हिस्सा अचानक टूट कर सडक़ पर आ गिरा था, जिसके चलते अफरा-तफरी मच गई थी। दुकानदारों ने दुकानों की शटर नीचे कर ली थी। उक्त मधुमक्खियों के छत्ते से कभी भी हादसा हो सकता है। प्रशासन से शीघ्र मधुमक्खियों के छत्ते को हटवाने की मांग की है।
भाग कर निकल जाना चाहिए रेंज से
राजगढ़ ब्लॉक के बीसीएम्ओ डॉ. रामस्वरूप मीना का कहना है बड़ी हो या छोटी मधुमक्खी, सभी में जहर होता है। मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए व्यक्ति को करीब दो किलोमीटर भाग कर उसकी रेन्ज से बाहर निकल जाना चाहिए या कम्बल, साड़ी, लूगडी आदि वस्त्र ओढकऱ शरीर को ढक ले, जिससे मधुमक्खियों का डंक नहीं लगे।
मधुमक्खियों के हमले को देखकर पानी में नहीं कूदना चाहिए। यदि व्यक्ति पानी में कूद जाता है तो और ज्यादा आफत आ जाती है। पानी में कूदने के बाद उस स्थान पर बड़ी मधुमक्खियां दो-तीन घण्टे मंडराती रहती है। मधुमक्खियों के हमले से घायल को नजदीकी चिकित्सालय पहुंचकर इलाज में एन्टी एलर्जीक गोलियां या इन्जेक्सन लेना चाहिए और शरीर पर लगे डंक हटा देवे।
जिम्मेदारी निकाय की
राजगढ़ के क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक मीना का कहना है कि ग्राम पंचायत या नगर पालिका क्षेत्र में बड़ी मधुमक्खियों का छत्ता है, तो उसे हटवाने कि जिम्मेदारी उनकी ही है।
जल्द हटवाया जाएगा
सरपंच राजेश कुमार मीणा का कहना है कि मुरलीपुरा गांव में सडक़ के किनारे पीपल के पेड़ पर लगे बड़ीमधुमक्खियों के छत्ते को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही उसे हटवा दिया जाएगा।