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अलवर में IPL सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, पुलिस ने दो सगे भाइयों को रंगे हाथों दबोचा

IPL betting इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के सीजन में सट्टेबाजी के खिलाफ अलवर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।

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IPL betting इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के सीजन में सट्टेबाजी के खिलाफ अलवर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के अखैपुरा थाना पुलिस और क्यूआरटी (QRT) टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो आपस में सगे भाई हैं और घर के भीतर से ही सट्टेबाजी का काला कारोबार संचालित कर रहे थे।

सूचना पर टीम ने दी दबिश

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चितावन की गली क्षेत्र में सट्टेबाजी का नेटवर्क सक्रिय है। सूचना पुख्ता होने पर टीम ने महेश कालरा के निवास पर दबिश दी, जहां से सक्षम कालरा (27) और अंश कालरा (23) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की यह कार्रवाई उस समय हुई है जब राजस्थान पत्रिका ने जिले में फैल रहे आईपीएल सट्टेबाजी के जाल को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान खींचा था।

खेल के हर चरण पर दांव

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सट्टेबाजी का यह खेल केवल मैच की जीत-हार तक सीमित नहीं था। आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से सट्टा खिला रहे थे, जिसमें खेल के हर चरण पर दांव लगाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी पावर प्ले यानी शुरुआती 6 ओवर, फिर 10 ओवर, 15 ओवर और पूरे 20 ओवर के खेल पर अलग-अलग दर से ऑनलाइन सट्टा लगवा रहे थे। 4 अप्रैल को खेले गए दिल्ली और मुंबई के मैच के दौरान ही आरोपियों ने करीब 69 हजार 40 रुपये का सट्टा लगवाया था। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से कुल 2 लाख 63 हजार 360 रुपये तक के सट्टे के लेन-देन का कच्चा चिट्ठा और रिकॉर्ड मिला है।

3 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप सहित अन्य उपकरण जब्त

सट्टेबाजी के इस हाइटेक कारोबार को चलाने के लिए आरोपी आधुनिक उपकरणों का सहारा ले रहे थे। मौके से पुलिस ने 3 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एलईडी टीवी और वाईफाई बॉक्स सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन उपकरणों के माध्यम से आरोपी लाइव मैच देखते थे और अलग-अलग वेबसाइट्स व ऐप्स के जरिए ग्राहकों से संपर्क में रहते थे। पुलिस अब इस मामले में आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इसमें कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।