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अब तीन साल के बच्चे को ही मिलेगा स्कूल में प्रवेश, सीबीएसई स्कूलों में आधार कार्ड जरूरी

अब तीन साल के बच्चे को ही मिलेगा स्कूल में प्रवेश। इसके साथ ही सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा।

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अलवर

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Prem Pathak

Mar 16, 2018

AADHAR CARD MANDATORY IN CBSE SCHOOLS

अलवर. जिले के अधिकतर गैर सरकारी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए स्कूलों में आवेदन पत्रों का वितरण भी होने लगा है। कई स्कूलों में प्रवेश कार्य के लिए विवरण पुस्तिका भी दी जा रही है। ज्यादातर स्कूलों में आवेदन के लिए शुल्क भी लिया जा रहा है। अलग-अलग स्कूलों में अभिभावकों को यही कहा जा रहा है कि हमारे यहां सीट निर्धारित है। इसके बावजूद आवेदन निर्धारित सीटों से अधिक बेच रहे हैं।

कई स्कूलों में फार्म ही 100 रुपए से 500 रुपए कीमत का है। अलवर जिले में नर्सरी, केजी व क्लास वन के लिए प्रवेश के लिए अभिभावक अलग अलग स्कूलों में जाकर जानकारी ले रहे हैं। प्रवेश के लिए ऑनलाइन कम जबकि ऑफलाइन अधिक आवेदन लिए जा रहे हैं।

शहर में सीबीएसई की ओर से करीब 40 से ज्यादा विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसमें एलकेजी में प्रवेश के लिए 3 साल की आयु सीमा निर्धारित की गई है। इसके अलावा प्रवेश के लिए सभी बच्चों का आधार कार्ड भी आवेदन पत्र के साथ लगवाया जा रहा है। नर्सरी से पहले प्ले ग्रुप में कम से कम ढाई साल के बच्चे को प्रवेश दिया जाएगा, जिससे की यह कार्ड भविष्य में भी काम आ सकेगा। इसके साथ ही कक्षा 9 से 12 वीं तक में प्रवेश के लिए भी आधार कार्ड सीबीएसई स्कूलों में अनिवार्य किया गया है।

4 अप्रेल से शुरू होगा नया सत्र

अभी अधिकतर निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी के एग्जाम चल रहे हैं जो 17 मार्च तक चलेंगे। इसके बाद इसी माह परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिया जाएगा। 4 अप्रेल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। इस वर्ष 1 अप्रेल को रविवार रहेगा। अप्रेल के प्रथम सप्ताह में प्रवेश शुरू होता है। इसके चलते बुधवार को ही अधिकतर बच्चे स्कूल जाते हैं। यह सत्र 15 मई तक चलेगा । इसके बाद गर्मियों का अवकाश प्रारंभ हो जाएगा।

बेटियों को विशेष छूट

अनेक निजी विद्यालयों में नर्सरी क्लासेज में प्रवेश के लिए बेटियों को विशेष रियायत दी जा रही है। बेटियों के लिए प्रवेश शुल्क नहीं लिया जा रहा है। केवल मासिक शुल्क ही मांगा जा रहा है। बेटियों को अनेक प्रकार की अन्य सुविधाएं भी स्कूलों में दी जा रही है।