अलवर

जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नहीं बन रहे बच्चों के आधार कार्ड, अब बनाए जाएंगे कार्ड

अब डाक विभाग, महिला बाल विकास विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से बनाए जाएंगे बच्चों के आधार कार्ड अलवर. महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले में संचालित आंगनबाडी केंद्रों पर पंजीकृत 0 से 5 साल तक के बच्चों के आधार कार्ड अभी तक नहीं बन पाए है। जिसके चलते बच्चों को स्कूलों में प्रवेश व अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

less than 1 minute read
Dec 04, 2022
जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नहीं बन रहे बच्चों के आधार कार्ड, अब बनाए जाएंगे कार्ड


जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 2 लाख 10 हजार बच्चें हैं पंजीकृत, इनमें से मात्र 67 हजार बच्चों के ही बन पाए हैं आधार कार्ड

अलवर जिले में साढे़ तीन हजार के लगभग आंगनबाडी केंद संचालित जा रहे हैं। 5 साल तक के जिसमें करीब 2 लाख 10 हजार बच्चे पंजीकृत है। इसमें से अभी तक मात्र 67 हजार बच्चों के ही आधार कार्ड बन पाए हैं। अभी करीब 1 लाख 40 हजार बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाने शेष है। जबकि स्कूलों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।

पांच साल तक के बच्चों का फोटो व माता पिता के बायोमेटि्रक सत्यापन कर आधार कार्ड बनाया जाता है। पांच साल पूरा होने पर आधार कार्ड को अपडेट करना होगा। इसमें बच्चे की आंख की पुतली व दस अंगुलियो ंका बायोमेटि्रक सत्यापन होकर आधार कार्ड अपडेट होगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक जितेंद्र मीणा ने बताया कि जिले में डाक विभाग इंडियन पोस्टल सर्विस के पोस्टमैन डिवाइस से एवं सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग भी अपने क्षेत्र के सीएलसी से आधार कार्ड बनवाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए विभाग की महिला सुपरवाइजरों की भी परीक्षा हुई है। इसमें चयनित को आधार कार्ड बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दस साल पूर्व बनाए आधार कार्ड होंगे अपडेट

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के उप निदेशक वीरेंद्र त्यागी ने बताया कि दस साल पूर्व बनाए गए आधार कार्ड जिनमें आज तक कोई अपडेट नहीं हुआ है। उनके दस्तावेज को अपडेट करने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। पांच साल तक के स्कूली बच्चों व आंगनबाडी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के आधार नामाकंन को प्राथमिकता से लिया जाएगा।

Published on:
04 Dec 2022 09:29 pm
Also Read
View All

अगली खबर