
अलवर कोर्ट में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व अपील अधिकारी कोर्ट में कार्यरत बाबू जितेंद्र मीणा को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। बाबू ने एक मामले में पक्षकार से डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। एसीबी को इस संबंध में सूचना मिली थी कि बाबू जितेंद्र मीणा ने जमीन के पक्ष में निर्णय कराने के एवज में रिश्वत ली थी।
सूचना के आधार पर एसीबी ने योजना बनाई और गुरुवार को कार्रवाई करते हुए मीणा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस साल में यह दूसरा मामला है जब एसीबी ने ट्रैप किया है। इससे पहले जयपुर विधानसभा के बाहर अलवर नगर निगम के रेवेन्यू अफसर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।
पीड़ित रमनलाल सैनी ने बताया कि स्कूल संचालन के लिए खरीदी गई जमीन पर RAA का स्टे था। बाबू जितेंद्र मीणा ने स्टे हटाने के लिए उनसे 1.5 लाख रुपये की मांग की। सैनी का आरोप है कि बाबू दोनों पक्षों से रिश्वत लेकर स्टे लगवाने और हटाने का खेल करता है। जबकि SDM कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया था, बाबू ने फिर से विपक्ष से स्टे लगवा दिया। 6 जनवरी 2025 को बाबू ने रिश्वत मांगी और जब सैनी ने पैसे दिए, तो ACB ने कलेक्ट्रेट गेट पर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और 1.5 लाख रुपये बरामद किए। बाबू ने कहा था कि "ऊपर तक पैसे देने होते हैं, RAA को भी हिस्सा देना है।
Published on:
09 Jan 2025 06:48 pm
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