10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां की मौत के बाद 2 दिन तक अस्पताल में ही भटकता रहा 10 साल का मासूम

अलवर जिले के अस्पताल से एक मार्मिक वाक्या सामने आया है। यहां उपचार के दौरान मां की मौत के बाद 10 साल का बेटा अस्पताल में ही भटकता रहा।

less than 1 minute read
Google source verification

अलवर

image

Akshita Deora

Apr 20, 2024

अलवर जिला अस्पताल में एक मार्मिक वाक्या सामने आया है। यहां उपचार के दौरान एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार नहीं हुआ था, जिसके चलते उसका 10 वर्षीय बेटा जिला अस्पताल में ही भटकता रहा। मृतका का बड़ा बेटा शुक्रवार को आया, जिसके बाद महिला का अंतिम संस्कार हुआ। अब छोटे बेटे को बाल कल्याण समिति ने इरादा बाल गृह में भेजा गया है। जल्द ही बच्चे को उसके बड़े भाई को सौंप दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : पति ने ही बना डाली पत्नी की अश्लील वीडियो, वायरल करने की धमकी देकर कर डाली ये डिमांड, पत्नी के छूटे पसीने

मूंगस्का गुरुद्वारे के समीप के किराए पर रहने वाली प्रेम देवी (55) को 4 अप्रेल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। मां की देखभाल के लिए बेटा रोहित (10) अस्पताल में ही रह रहा था। 17 अप्रेल की शाम को महिला की मौत हो गई। मृतका का कोई परिजन नहीं होने से शव को मुर्दाघर में रखवाया। पति बाबूलाल की पहले ही मौत हो चुकी है। बड़ा बेटा पवन (21) हरिद्वार में ढाबे पर काम करता है। छोटा बेटा रोहित उसके साथ ही अलवर में रह रहा था।

अस्पताल में डटा रोहित

मां की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं था। बड़े बेेटे से संपर्क नहीं हो पाया तो शव को मोर्चरी में ही रखवाया गया। इस दौरान रोहित अस्पताल में ही भटकता रहा। जिस वार्ड में उसकी मां भर्ती थी, उसके पास ही भर्ती अन्य मरीज के परिजनों ने ही उसकी देखभाल की।