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पिता की मौत के बाद 11 साल की लता को पहनाई जिम्मेदारियों की पगड़ी

परिवार पर जिम्मेदारियों को बोझ

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पिता की मौत के बाद 11 साल की लता को पहनाई जिम्मेदारियों की पगड़ी

पिता की मौत के बाद 11 साल की लता को पहनाई जिम्मेदारियों की पगड़ी

अलवर. बेटियां भी अब पिता के मरने के बाद पगड़ी बांधकर सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारी उठा सकती हैं । अलवर में बुधवार को ऐसी ही पगड़ी की रस्म हुई।
11 साल की लता को मालूम नहीं था की पिता के मरने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उसके कंधों पर आ जाएंगी। अलवर शहर के साहब जोहड़ा निवासी हरिओम सैनी की मृत्यु के बाद बुधवार को उनकी पगड़ी की रस्म हुई। हरिओम के दो बेटियां हैं । एक बेटी की उम्र 11 साल और दूसरी बेटी की उम्र मात्र ढाई साल है। उनके कोई बेटा नहीं है।
सामाजिक परंपरा के अनुसार पगड़ी की रस्म बेटे को निभानी होती है। परिवार में बेटा नहीं होने पर सामाजिक कार्यकर्ता निशा सैनी ने पहल करते हुए बेटी को ही पगड़ी बांधने का सुझाव दिया जिसे सबने सहज ही मान लिया और लता को पगड़ी पहनाने की रस्म शुरू हुई। बेटी को जब पगड़ी बांधी गई तो मंदिर में ढोक लगाते समय वह रोने लगी । इतना ही नहीं जिस दिन पिता की मृत्यु हुई थी उस दिन भी लता ने पिता को कंधा देने के लिए अपना हाथ बढ़ाया लेकिन मासूम कंधों को देख लोगों ने ही मना कर दिया। लता कक्षा 6 में पढ़ती है। मुसीबत की इस घड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता निशा सैनी ने उनको मदद की। इस बेटी के पिता ठेली लगाते थे, उससे ही गुजारा होता था अब कमाई का कोई साधन नहीं है। परिवार पर जिम्मेदारियों का बोझ आ गया है ।