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किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा राज किसान एप, यह है कारण…पढ़े इसे

सरकारों की ओर से किसानों को हर तरह से मदद पहुंचा कर लाभ दिलाने के लिए कई तरह के जतन तो कर रही हैं, लेकिन बनाई गई योजनाओं को धरातल पर नहीं उतार पा रही। यही कारण है कि किसान इनका लाभ लेने में रुचि नहीं दिखा पाते।

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Agriculture

खेती-बाड़ी से जुड़ी चीजों को बताने के लिए सरकार ने राज किसान एप लांच

अलवर. सरकारी योजनाओं की जानकारी से लेकर खेती-बाड़ी से जुड़ी चीजों को बताने के लिए सरकार ने राज किसान एप लांच किया था लेकिन यह जिले में कारगर नहीं हो पा रहा है। अब तक महज 12 हजार ही किसानों ने यह डाउनलोड किया है जबकि किसानों की संख्या पांच लाख से अधिक है। लोगों का कहना है कि कृषि विभाग इसका प्रचार-प्रसार करता तो किसानों को इसकी जानकारी होती। ये एप काफी लाभदायक है।


कोई भी किसान मोबाइल पर एप डाउनलोड कर इसमें जनाधार नंबर दर्ज कर इसका उपयोग कर सकता है। किसानों के एक क्लिक करने पर उन्हें फार्म पॉन्ड, तारबंदी, पाइप लाइन, कृषि यंत्र, सौर ऊर्जा, जलस्रोत, बूंद-बूंद ङ्क्षसचाई, फव्वारा पद्धति, नेट ग्रीन हाउस व पोली हाउस सहित कृषि उद्यान व पशुपालन विभाग की सभी योजनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी। योजना में आवेदन करने की तिथि, पात्रता व अनुदान आदि के बारे में विस्तार से जानकारी इसके जरिए उपलब्ध हो सकेगी।

इधर संयुक्त निदेशक कृषि सूरजभान शर्मा का कहना है कि सरकार की ओर से संचालित राज किसान एप किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। क्योंकि इस एप में राज्य भर के कृषि अधिकारियों के नम्बर मिल जाते हैं। साथ ही किसान की ओर से की गई फसल खराबे की रिपोर्ट भी देखी जा सकती है। वहीं किसान की ओर से अपनी पत्रावली की ट्रेङ्क्षकग भी की जा सकती है।