
अलवर में आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन (फोटो - पत्रिका)
अलवर जिले में स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की रीढ़ मानी जाने वाली आशा सहयोगिनियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। कम मानदेय और सरकारी उपेक्षा से नाराज आशा सहयोगिनियां शुक्रवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में एक साथ हाथों में अपनी मांगों की तख्तियां थामे महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ कहा कि सरकार लगातार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरने पर बैठी आशा सहयोगिनियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे दिन-रात फील्ड में रहकर सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाती हैं। चाहे नवजात बच्चों का टीकाकरण हो या गर्भवती महिलाओं की देखभाल, वे हर काम पूरी मुस्तैदी से करती हैं।
इसके बावजूद उन्हें बेहद मामूली मानदेय (वेतन) दिया जा रहा है, जिससे इस कमरतोड़ महंगाई के जमाने में परिवार का गुजारा करना नामुमकिन हो गया है। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाने, स्थायी करने (नियमितीकरण) और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने के लिए वे पहले भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने सरकार को खुली चेतावनी दी है कि वे अब पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार के उच्च अधिकारी तुरंत उनके प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करें और उनकी समस्याओं का कोई ठोस और स्थाई समाधान निकालें। अगर सरकार ने जल्द ही उनकी सुध नहीं ली, तो जिले भर में आंदोलन को और ज्यादा तेज किया जाएगा और आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों का बहिष्कार कर काम पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
इस बीच आशा सहयोगिनियों के इस हक की लड़ाई को और मजबूती मिल गई है। अलवर अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के जिला अध्यक्ष राजकुमार बक्शी ने आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत सिर्फ आशा सहयोगिनियां ही नहीं, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिन और संविदा नर्सेज भी लंबे समय से शोषण का शिकार हो रही हैं। ट्रेड यूनियन अब इन सभी संविदा कर्मियों के साथ खड़ी है और जब तक सरकार इनकी मांगों को मान नहीं लेती, तब तक यह लड़ाई सड़कों से लेकर हर स्तर पर लड़ी जाएगी।
Published on:
03 Jul 2026 03:58 pm
