
कोरोना वायरस को लेकर सरिस्का सतर्क, वन्यजीवों की खाने की आदत बदली
अलवर. न्यूयार्क के ब्रोन्क्स जू में चार साल का टाइगर कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद सरिस्का बाघ परियोजना प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण (एनटीसीए) ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए फायर प्रोटेक्शन की एडवायजरी जारी की है। हालांकि सरिस्का में अभी तक किसी भी वन्यजीव में कोरोना वायरस के लक्षण नजर नहीं आए हैं, लेकिन वनकर्मियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सरिस्का में इन दिनों तीन महीने से लेकर 15 साल उम्र के बाघ, पैंथर सहित कई हजार अन्य वन्यजीव हैं। न्यूयार्क की जू में चार साल के बाघ में कोरोना पॉजिटिव के लक्षण ने वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। यही कारण है कि सोमवार को एनटीसीए ने भी गाइड लाइन जारी कर सुरक्षा में सतर्कता के निर्देश दिए हैं।
अब तक बाघों में नहीं दिखे असामान्य लक्षण
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देश भर में इन दिनों लॉक डाउन है। वहीं सभी पार्क में पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। इससे बाघों व अन्य वन्यजीवों को बड़ी राहत मिली है। पार्क में सभी तरह के पर्यटन पर रोक होने से मंगलवार व शनिवार को पाण्डुपोल मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ पर भी अंकुश है। इसका सबसे ज्यादा लाभ वन्यजीवों को मिला है। पार्क में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही नहीं होने से वन्यजीवों में कोरोना वायरस व अन्य किसी संक्रमण का खतरा काफी कम हो गया है।
सेनेटाइज के बाद ही वनकर्मी पानी डलवाएं
सरिस्का प्रशासन ने इन दिनों वनकर्मियों को निर्देश दिए कि वाटर होल्स में पानी डलवाने से पहले खुद को पूरी तरह सेनेटाइज करें। चेहरे को मास्क से ढकें तथा हाथों को सेनेटाइज करें। वहीं बाघों की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। कैमरा ट्रैप, सर्विलांस व ट्रैकिंग के माध्यम से बाघों की निगरानी की जा रही है। वनकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि बाघों में किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत सूचित करें।
खुद शिकार से करते हैं भोजन का प्रबंध
बाघ, पैंथर आदि वन्यजीव शिकार कर अपने भोजन का प्रबंध करते हैं। सरिस्का में मांसाहारी व शाकाहारी वन्यजीवों को भोजन डाला नहीं जाता है, बल्कि वे खुद ही जुटाते हैं। इस कारण कोविड-19 के चलते उनकी डाइट में फिलहाल कोई बदलाव नहीं आया है।
एनटीसीए की एडवाजयरी की पालना करा रहे
सरिस्का में इन दिनों एनटीसीए की ओर से जारी एडवायजरी की पालना कराई जा रही है। बाघों की ट्रैकिंग, कैमरा ट्रैप व अन्य तरीकों से मानिटरिंग की जा रही है। अभी तक सरिस्का में बाघ या किसी अन्य वन्यजीव में किसी प्रकार के असामान्य लक्षण नहीं दिखे हैं।
सेढूराम यादव
डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना
Published on:
06 Apr 2020 11:31 pm
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
