
यह कैसा गो संरक्षण: सवा सौ करोड़ काऊ सैस वसूल, अलवर जिले को दे रही मात्र 10 करोड ही
अलवर. जिले में हर साल गौ संरक्षण के लिए 100 करोड़ रुपयों से ’यादा काऊ सैस की वसूली की जाती है, लेकिन गोवंश का संरक्षण के नाम पर अलवर जिले को साल में मात्र 10 करोड़ रुपए ही दे रहे है।
रा’य सरकार की ओर से गौ संरक्षण के लिए हर साल टैक्स की वसूली की जाती है। सरकार की ओर से शराब बिक्री एवं अन्य कार्यों पर काऊ सैस की वसूली की जाती है। काऊ सैस से वसूली जाने वाली राशि का उपयोग सरकार को लावारिस गोवंश संरक्षण पर करना होता है। सरकार की ओर से हर साल सवा अरब से ’यादा काऊ सैस की वसूली तो कर ली जाती है, लेकिन उसका उपयोग गोवंश के संरक्षण पर पूरी तरह नहीं हो पाता। तभी शहरों व गांवों में गोवंश लावारिस हाल में घूमने को मजबूर है।
कब कितना काऊ सैस वसूला
वर्ष काऊ सैस
2018- 19 1108887163.00
2019- 20 1729692998.68
2020-21 1364227312.33
साल में छह महीने का मिलता है अनुदान
गोवंश संरक्षण के नाम रा’य सरकार की ओर से पंजीकृत गोशालाओं को साल में छह महीेने का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। इनमें छोटे गोवंश का प्रतिदिन 20 रुपए तथा बड़े गोवंश को प्रतिदिन 40 रुपए का अनुदान दिया जाता है। अनुुदान प्राप्त करने के लिए गोशाला में गोवंश की संख्या 200 से ’यादा होना जरूरी है।
अलवर जिले में 50 गोशाला है पंजीकृत
जिले में करीब 50 गोशाला पंजीकृत है, इनमें 33 गोशाला अनुदान के लिए पात्र हैं, जिनमें 200 से ’यादा गोवंश है। जिन्हें गोवंश संरक्षण के लिए अनुदान दिया जाता है। इन्हें साल में दो बार तीन- तीन महीने का अनुदान दिया जाता है। सरकार की ओर से हर वर्ष जनवरी, फरवरी व मार्च तथा अप्रेल, मई व जून में अनुदान किया जाता है। इनमें तीन महीने का अनुदान करीब पांच करोड़ रुपए मिलता है, यह अनुदान भी करीब छह महीने बाद ही मिलता है।
काऊ सैस करोड़ों में, दे रहे 40 रुपए प्रतिदिन
काऊ सैस के नाम पर अलवर जिले में अकेले आबकारी विभाग की ओर से सवा सौ करोड़ से ’यादा की राशि वसूली जाती है, लेकिन सरकार बड़े गोवंश के संरक्षण के लिए एक दिन में 40 रुपए देती है। महंगाई के दौर में बड़े गोवश के लिए 40 रुपए में चारा, दाना व पानी का इंतजाम करना मुश्किल होता है। यानि जिले से एक अरब से ’यादा राशि वसूलने के बाद सरकार अलवर जिले में गोवंश संरक्षण के लिए साल में करीब 10 करोड़ रुपए ही देती है।
अब नंदीशाला खोलने की तैयारी
रा’य सरकार की ओर से अब नंदीशाला खोलने की तैयारी की जा रही है। जिले में 16 नंदीशाला खोले जाने हैं, इनमें दो नंदीशाला वर्ष इसी साल खोले जाने हैं। वहीं एक नंदी गृह खोलने की तैयारी भी है।
Published on:
29 Dec 2021 11:51 pm
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