9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलवर

अलवर क्राइम : युवकों को कमीशन देकर एटीएम से निकलवाता था रा​शि, मास्टरमाइंड गिरफ्तार…देखें वीडियो

ऑनलाइन ठगी के माध्यम से लोगों को अपने झांसे में लेकर खातों में पैसे डलवाता था। कमीशन देकर युवकों से पैसे निकलवाता था।

Google source verification

गोविन्दगढ. ऑनलाइन ठगी के माध्यम से लोगों को अपने झांसे में लेकर खातों में पैसे डलवा कर व कमीशन देकर युवकों से पैसे निकलवाने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड 1 साल से फरार था।

पुलिस ने बताया कि 11 जनवरी 2023 को गश्त के दौरान सूचना पर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक एटीएम से विभिन्न एटीएम कार्डो के माध्यम से पैसे निकालते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 7 एटीएम, एक स्वाइप मशीन, एक कार और एक लाख 20 की नकदी व चेकबुक बरामद की थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि वे कमीशन पर काम करते हैं। मुख्य मास्टरमाइंड और लोगों से ठगी करने वाला शातिर बदमाश राहुल और याहया खान है। पुलिस ने मुख्य आरोपी याहया खान पुत्र डीडडी निवासी घहाना थाना पहाड़ी जिला डीग को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में बताया कि उनकी ओर से एक करोड से अधिक की ठगी की गई है। जिसकी राशि निकालकर याहया खान को दी थी। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। गिरफ्तारी में मुख्य भूमिका कांस्टेबल राजेश यादव की रही।

500 रुपए में लेते थे एटीएम :

पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ई-मित्र और बैंक बीसी पर ले जाकर उनका खाता खुलवाते थे। जिसमें वह खुद का फोन नंबर एड करवाते थे और एटीएम इशू होने के बाद प्रतिदिन का कार्ड धारक को 500 दिया जाता था। अगर कार्ड ब्लॉक हो जाता तो उस कार्ड को वापस देते थे। आरोपी विभिन्न बैंकों में खाता खुलवाते थे।

5 प्रतिशत देते थे कमीशन

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि एटीएम से पैसे निकालने वाले लड़कों को 5% कमीशन दिया जाता है। वे एटीएम के पास खड़े रहते हैं। जैसे ही कोई पार्टी फंसती है, वह तुरंत लड़के को फोन कर देते है। एक एटीएम से प्रतिदिन 2 से 5 लाख का ट्रांजेक्शन करते थे। कार्ड ब्लॉक होने के डर से एटीएम से पैसे निकालने वाला गिरोह एटीएम के पास ही खड़ा रहता था। इधर थाना प्रभारी मुकेश मीणा ने बताया कि आरोपी काफी समय से फरार था। टीम का गठन कर गिरफ्तार किया है। न्यायालय में पेश करने पर उसे जेल भेज दिया है।