
अलवर के ESIC मेडिकल कॉलेज को मिली स्वीकृति, उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से शुरू होगा
अलवर. Alwar ESIC Medical College: अलवर जिले में जल्द ही दो मेडिकल कॉलेज होंगे। केंद्र सरकार की तरफ से ईएसएसी मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी मिल चुकी है। दूसरी तरफ प्रदेश सरकार की तरफ से भी मेडिकल कॉलेज शुरू करने की घोषणा की गई थी। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से 350 करोड़ रुपए का बजट राज्य सरकार को दिया जा चुका है। अलवर में केंद्रीय कारागार की जमीन पर जल्द ही कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य शुरू होगा। नोएडा की एक कंपनी ने इस भवन का डिजाइन तैयार किया है। ऐसे में अलवर राजस्थान का एकमात्र ऐसा जिला होगा जहां दो मेडिकल कॉलेज होंगे।
पहले सत्र में होंगी 100 सीटें, नियुक्ति प्रक्रिया शुरू
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में पहले सत्र में 100 सीटें रहेंगी। इसके अलावा 350 बेड का अस्पताल रहेगा। सब कुछ ठीक रहा तो जून-जुलाई महा में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज व अस्पताल संचालन के लिए ईएसआईसी की तरफ से विभिन्न पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।900 करोड़ की लागत से बना है भवनएमआईए स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज का निर्माण करीब 900 करोड़ रुपए की लागत से हुआ है। करीब चार साल से यह भवन बंद पड़ा हुआ था। कुछ समय पहले यहां 50 बेड का अस्पताल शुरू किया। लेकिन उसका लाभ भी नहीं मिल रहा था।
क्या है मेडिकल कॉलेज में खास
मेडिकल कॉलेज में 200 स्टाफ के रहने के लिए फ्लैट बने हुए हैं। इसके अलावा सभी अधिकारी स्तर के लोगों के लिए अलग से विला बने हुए हैं। साथ ही इंडोर स्टेडियम, इंडोर ऑडिटोरियम, मोर्चरी, कैंटीन, लाइब्रेरी सहित तमाम सुविधाएं हैं। पूरा मेडिकल कॉलेज सेंट्रलाइज एसी से लैस है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों के भी लिए भी रुकने की व्यवस्था है। मेडिकल कॉलेज में विदेशी व इंडियन तकनीक के ऑपरेशन थिएटर हैं।
अलवर की जनता का सपना सच हुआ: सांसद
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिलने पर अलवर सांसद महंत बालकनाथ ने केन्द्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा है जिस दिन वह सांसद बने। उसी दिन से अलवर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को प्रारंभ कराने के लिए प्रयासरत थे। अलवर वासियों का मेडिकल कॉलेज का सपना अब जल्द ही पूरा होने जा रहा है। अलवर की जनता को यह अनुपम उपहार दिया। इस विषय में राज्य सरकार को भी उन्होंने पत्र लिखे। राजस्थान सरकार द्वारा शिक्षा सहित अन्य विषय को लेकर संबद्धता प्राप्त हो चुकी है। इसमें एमसीआई का निरीक्षण होना शेष है। जिसके उपरांत सभी प्रकार की सामान्य प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी और विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा की सभी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होनें कहा कि इस हॉस्पिटल की क्षमता एम्स हॉस्पिटल के लगभग समतुल्य है। उनका प्रयास रहेगा कि हॉस्पिटल में ना केवल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो बल्कि चिकित्सा शिक्षा के लिए आने वाले विद्यार्थियों को भी अधिक से अधिक आधुनिक तकनीकी का लाभ मिल सके। आने वाले समय में एमआईए में कार्यरतहजारों श्रमिक और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत कैशलेस उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने बतायाकि संभवत: अगले सत्र से ही नीट के माध्यम से विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज आवंटित हो जाएगा और अलवर सहित देश के कोने कोने से विद्यार्थी अलवर में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे।
कॉलेज भवन से लेकर स्वीकृति तक, सब कांग्रेस सरकार में: जूली
राज्य के श्रम मंत्री टीकाराम जूली का कहना है कि अलवर में नया मेडिकल कॉलेज खोलकर कांग्रे सरकार ने साबित कर दिया है कि जनता का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र सिंह ने 8 अरब का भवन स्वीकृत करवाया, उनके प्रयासों से ही है भवन विश्व स्तरीय बना। जबकि भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेषता रखते हुए मेडिकल कॉलेज की राह में रोड़े अटकाए। श्रम मंत्री जूली का कहना है कि कॉलेज खुलवाने को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री का सपना साकार हुआ है। यह कॉलेज अलवर ही नहीं आसपास के लाखों लोगों की जीवन आशा का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि अब मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को लेकर तमाम सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध हो, यह सभी को सुनिश्चित करना होगा। उनका कहना है कि यह मेडिकल कॉलेज श्रेय की लड़ाई नहीं बल्कि स्वास्थ्य और अलवर के विकास का मुद्दा है।
Published on:
22 Jan 2021 11:09 am
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