20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस में इस बार युवाओं की लगेगी लॉटरी

कांग्रेस पार्टी में युवा नेता इन दिनों गदगद हैं, वहीं 70 साल के पास वाले नेता चिंता में हैं। युवाओं की खुशी का कारण है इस बार विधानसभा चुनाव में उनकी लॉटरी लगना। जानिए कांग्रेस के युवा नेताओं की कैसे लगेगी लॉटरी।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Jun 29, 2023

कांग्रेस में इस बार युवाओं की लगेगी लॉटरी

कांग्रेस में इस बार युवाओं की लगेगी लॉटरी

अलवर. कांग्रेस प्रदेश में सरकार रिपीट कराने के लिए हर मुमकिन रणनीति को अंजाम देने की तैयारी मेँ है। पार्टी की ओर से इस बार 50 साल उम्र तक के 50 फीसदी उम्मीदवार उतारने की घोषणा ने युवा नेताओं में जान फूंक दी है। पार्टी के युवाओं को इस बार विधानसभा चुनाव में मौका मिलने की उम्मीद जगी है।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव में मात्र पांच महीने का समय बचा है। ऐसे में कांग्रेस जोर शोर से चुनावी तैयारियों में जुटी है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि इस बार सरकार के कामकाज के प्रति नकारात्मक भाव नहीं है, इस कारण कुछ भी करके सरकार रिपीट कराई जाए। इसके लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उम्मीदवार बदलने से लेकर युवाओं को टिकट देने सहित अन्य गणित बिठाने में जुटे हैं।

युवाओं को इस बार टिकट की उम्मीद ज्यादा

कांग्रेस के युवा नेताओं को इस बार जिले में विधानसभा चुनाव में ज्यादा संख्या में टिकट मिलने की उम्मीद है। इसका आधार युवा नेता कांग्रेस नेताओं की 50 फीसदी टिकट 50 साल उम्र के युवाओं को देने की घोषणा को बताते हैं। पार्टी के अनेक युवा नेताओं का मानना है कि पार्टी नेता राजस्थान में एक बार कांग्रेस एक बार भाजपा को सत्ता की परम्परा बदलने के लिए पुरजोर कोशिश में लगी है। ऐसे में पार्टी के कई विधायकों के टिकट कटने या उनके निर्वाचन क्षेत्र बदलने की चर्चा भी खूब है। टिकट वितरण के दौरान यदि ये चर्चा सही साबित हुई तो ऐसी सीटों पर युवाओं को मौका दिया जा सकता है।

पार्टी के 70 साल के पार नेता परिजनों की पैरवी में जुटे

अलवर जिले में कांग्रेस के मौजूदा विधायकों में करीब तीन तथा टिकट के दो दावेदार 70 साल को पार कर चुके हैं। चर्चा है कि ऐसे विधायक एवं दावेदार आगामी विधानसभा चुनाव में बढ़ती उम्र के चलते टिकट से वंचित होने पर अपने युवा परिजनों के लिए भी टिकट की पैरवी कर रहे हैं।

सर्वे पर टिकी सबकी निगाहें

पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर दिए जाएंगे। पार्टी की ओर से पूर्व में भी दावेदारों को लेकर सर्वे कराया गया था, जिसमें कुछ दावेदारों की रिपोर्ट से पार्टी आलाकमान संतुष्ट नहीं बताए गए हैं। ऐसे लोगों को अपनी रिपोर्ट में सुधार कर आगामी सर्वे में जगह बनाने की चेतावनी दी गई है। सर्वे रिपोर्ट सही नहीं होने पर टिकट से हाथ भी धोना पड़ सकता है।