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कांग्रेस में बगावत की लपटें दिल्ली तक क्यूं पहुंची

कांग्रेस में विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण को लेकर नेताओं में असंतोष फूट पड़ा है।पूर्व सांसद डॉ. करणसिंह यादव तीन दिन से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर हमलावर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को टिकटों पर पुनर्विचार नहीं करने पर इस्तीफा तक भेज दिया है। अभी कई और बागी नेता और विधायक भी कतार में शामिल हैं।

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अलवर

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Prem Pathak

Nov 04, 2023

कांग्रेस में बगावत की लपटें दिल्ली तक क्यूं पहुंची

कांग्रेस में बगावत की लपटें दिल्ली तक क्यूं पहुंची

अलवर. विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगा गत तीन दिनों हमलावर हो रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद डॉ. करणसिंह यादव ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र सौंपकर अलवर जिले में कांग्रेस टिकट वितरण पर असंतोष जता कठूमर व राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ एवं बहरोड़ सीट से घोषित पार्टी प्रत्याशियों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए।
पूर्व सांसद यादव कांग्रेस की ओर से बहरोड़ से संजय यादव, राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ मांगेलाल मीणा एवं कठूमर क्षेत्र से संजना यादव को दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ से जौहरीलाल मीणा एवं कठूमर से बाबूलाल बैरवा तीन विधायक रह चुके हैं। ऐसे वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं दिया जाना गलत है। उन्होंने बहरोड़ से पुराने कार्यकर्ता एडवोकेट बस्तीराम यादव को कांग्रेस टिकट दिए जाने की पैरवी की है। यादव ने बताया कि शनिवार को लेकर वे पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणूगोपाल से भी मिलेंगे।

कांग्रेस में थम नहीं रहा असंतोष

टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस नेताओं का असंतोष अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। पूर्व डॉ सांसद यादव के साथ ही कई पूर्व विधायक भी टिकट वितरण पर खुलकर असंतोष जता चुके हैं और टिकट पर पुनर्विचार नहीं किए जाने पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक जौहरीलाल मीणा टिकट नहीं दिए जाने के बावजूद निर्दलीय नामांकन दाखिल कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने दो नामांकन दाखिल किए हैं, इनमें एक कांग्रेस एवं एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है।

डेमेज कंट्रोल काम नहीं आया

कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर जिलाध्यक्ष की ओर से समन्वय समिति का गठन किया है। समन्वय समिति को नाराज नेताओं से मिलकर समझाइश कर डेमेज कंट्रोल करना था, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी समिति को इस कार्य में ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी है।

अभी कई नेता और इस्तीफे की कतार में

पूर्व सांसद डॉ. करणसिंह यादव की ओर से अलवर जिले में कांग्रेस टिकट वितरण पर असंतोष जता पुनर्विचार नहीं करने पर इस्तीफे की चेतावनी दी है। वहीं कई और विधायक एवं पदाधिकारी इस कतार में हैं।