
जानिए कलक्टर ने क्यूं किया भूमि आवंटन निरस्त
अलवर. जिला कलक्टर जितेन्द्र कुमार सोनी ने प्रतिबंधित भूमि का गलत तरीके से किए आवंटन के पांच मामलों को निरस्त ही कर दिया। अलवर जिले में किसी भी कलक्टर की ओर से जमीन के गलत आवंटन में उठाया गया पहला सख्त कदम है।
प्रशासन गांवाें के संग अभियान-2021 में प्रतिबंधित भूमि पांच लोगों को आवंटित की गई थी। भूमि आवंटन के इन मामलों की शिकायत मिलने पर जिला कलक्टर ने संयुक्त जांच समिति गठित कर प्रकरणों की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में भूमि आवंटन के पांच प्रकरण गलत मिलने पर उनका आवंटन निरस्त किया गया है। उपखण्ड स्तरीय समिति राजगढ़ (अलवर) की ओर से प्रतिबंधित भूमि का आवंटन किया गया था।
अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम उत्तम सिंह शेखावत ने बताया कि संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिला कलक्टर ने आवंटन नियम, 1970 में विहित प्रावधानों के तहत उपखण्ड स्तरीय समिति राजगढ़ की ओर से आवंटित भूमि के 5 प्रकरणों में भूमि आवंटन निरस्त किए गए हैं। जिनमें 2 प्रकरण ग्राम नैडोली में राकेश कुम्हार पुत्र मूलचन्द कुम्हार निवासी घाटड़ा, नवलकिशोर पुत्र मूलचन्द कुम्हार निवासी घाटड़ा में दोहरे आवंटन एवं एक प्रकरण ग्राम मीणाला में कैलाश चन्द गुर्जर पुत्र कन्हैया लाल गुर्जर को आवंटित भूमि आम रास्ता, सार्वजनिक प्रयोजनार्थ जोहड के उपयोग में आने तथा 2 प्रकरण ग्राम बिरकड़ी रामेश्वर, रामकिशोर, कल्याण, रामकरण, हरसहाय पुत्र भागीरथ एवं तेजराम पुत्र प्रसादी लाल माली को प्रतिबंधित भूमि का किए गए आवंटन को निरस्त किया है।
जोहड़ व आम रास्ते की जमीन पर किया आवंटन
उपखण्ड स्तरीय समिति राजगढ़ की ओर से प्रतिबंधित भूमि जोहड़, आम रास्ते आदि की जमीन का आवंटन किया गया, जो कि अवैध है।
दस दिन का समय दिया था जवाब के लिए
जिला प्रशासन ने उपखंड स्तरीय समिति राजगढ़ की ओर से आवंटित भूमि के 5 प्रकरणों में आवंटियों को नोटिस का जवाब देने के लिए 10 दिन का समय दिया गया था। उचित जवाब नहीं मिलने पर भूमि आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
Published on:
19 Nov 2022 12:04 am
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