21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्मार्ट सिटी से अलवर के पर्यटन हब बनने की खुलेगी राह

राज्य सरकार की अलवर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की बजट घोषणा जल्द मूर्तरूप ले तो अलवर पर्यटन हब बन हजारों युवाओं की रोजगार की उम्मीदों को पंख लगा सकता है। साथ ही लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का भी स्थाई तौर पर निराकरण हो सकेगा।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Prem Pathak

Nov 22, 2022

स्मार्ट सिटी से अलवर के पर्यटन हब बनने की खुलेगी राह

स्मार्ट सिटी से अलवर के पर्यटन हब बनने की खुलेगी राह

अलवर. राज्य सरकार की अलवर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की बजट घोषणा जल्द मूर्तरूप ले तो अलवर पर्यटन हब बन हजारों युवाओं की रोजगार की उम्मीदों को पंख लगा सकता है। साथ ही लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का भी स्थाई तौर पर निराकरण हो सकेगा।

राज्य के गत वित्तीय बजट में मूख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अलवर समेत छह शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। सरकार की इस घोषणा ने अलवरवासियों की उम्मीदें जगाई, लेकिन स्मार्ट सिटी के लिए अब तक बजट आंवटन नहीं होने से पांच लाख से ज्यादा लोगाें का अलवर को विकसित शहर एवं पर्यटन हब के रूप में देखने का सपना अभी अधूरा है।

स्मार्ट सिटी का बड़ा लाभ पर्यटन क्षेत्र को

अलवर शहर प्रदेश के प्रमुख शहरों में शामिल है, लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव एवं समस्याओं के अंबार के चलते यह पर्यटन हब के रूप में विकसित नहीं हो पाया है। जबकि अलवर शहर में अनेक पर्यटक स्थल हैं। वहीं सरिस्का समेत जिले के पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटक भी अलवर के पर्यटक स्थलों को देखने पहुंचते हैं। ऐसे में अलवर शहर में गंदगी, यातायात की समस्या, पार्किंग, अतिक्रमण सहित अन्य समस्याओं का पर्यटन पर सीधा असर पड़ता है। यदि अलवर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाए और यहां के पर्यटन स्थल सौंदर्यीकरण से निखारे तो यह पर्यटन हब के रूप में विकसित हो सकता है। अलवर शहर में बाला किला, सरिस्का का अलवर बफर जोन, ऐतिहासिक जलाशय सागर, लालडिग्गी, मूसी महारानी की छतरी, फतेहजंग गुम्बद, संग्रहालय, वास्तुकला का बेजोड़ नमूना होपसर्कस, त्रिपोलिया एवं अन्य पर्यटक स्थल हैं। जबकि जिले में 52 किले, सरिस्का टाइगर रिजर्व, भानगढ़, पाण्डुपोल हनुमान मंदिर, भर्तृहरिधाम समेत कई पर्यटन स्थल हैं।

रोजगार की नई राह खुले

अलवर के पर्यटन हब बनने तथा स्मार्ट सिटी विकसित होने से रोजगार की नई राह खुल सकती है। कारण है कि अलवर शहर में यातायात सुगम होने, एलिवेटेड रोड बनने, ड्रेनेज का मास्टर प्लान बनने, बिजली की लाइनें अंडरग्राउंड होने एवं साफ- सफाई की व्यवस्था होने पर बाहर से आने वाले लोगों के मन में अलवर को लेकर अच्छी सोच विकसित होगी। अच्छी सड़कें और पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण अलवर को पर्यटन हब बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। इससे नए- नए रोजगार उत्पन्न होंगे, जिसका लाभ अलवर के युवाओं को मिलेगा।

छोटा सा प्रयास कर सकता है सपने साकार

राज्य सरकार का एक छोटा सा प्रयास अलवरवासियों के सपने साकार कर सकता है। इसके लिए राज्य सरकार को स्मार्ट सिटी के लिए जल्द बजट स्वीकृत करने की जरूरत है। अलवर यूआईटी स्मार्ट सिटी के लिए प्रपोजल बनाकर पहले ही सरकार को भेज चुकी है। जरूरत इन प्रस्तावों को मंजूरी देने की है। खास बात यह है कि स्मार्ट सिटी के प्रस्तावों को मूर्तरूप देने पर 500 से 700 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है। जबकि अलवर जिला राज्य सरकार को राजस्व देने में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल है।