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अलवर में 25 चौराहे, इसलिए हैं चौराहों का शहर

अलवर. अलवर को चौराहों का शहर यूं ही नहीं कहा जाता, बल्कि शहर में 25 से ज्यादा चौराहों का होना बड़ा कारण है। प्रदेश में कम ही शहर होंगे जहां से 25 से ज्यादा चौराहे देखने को मिलते हैं। शहर की शान इन चौराहों के सौंदर्यीकरण का जिम्मा यूआईटी एवं भामाशाह उठा रहे हैं।

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अलवर

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Prem Pathak

Jan 26, 2023

अलवर में 25 चौराहे, इसलिए हैं चौराहों का शहर

अलवर में 25 चौराहे, इसलिए हैं चौराहों का शहर


अलवर. अलवर को चौराहों का शहर यूं ही नहीं कहा जाता, बल्कि शहर में 25 से ज्यादा चौराहों का होना बड़ा कारण है। प्रदेश में कम ही शहर होंगे जहां से 25 से ज्यादा चौराहे देखने को मिलते हैं। शहर की शान इन चौराहों के सौंदर्यीकरण का जिम्मा यूआईटी एवं भामाशाह उठा रहे हैं।

अलवर शहर करीब 10 किलोमीटर परिधि में फैला है। इस शहर के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक चौराहे व तिराहों की भरमार दिखाई पड़ती है। अलवर की खासियत है कि शहर के सभी प्रवेश द्वार पर चौराहे खूबसूरती बिखेरते दिखाई पड़ते हैं।

ये चौराहे अलवर की शान

अलवर में टेल्को चौराहा, हनुमान चौराहा, इटाराणा चौराहा, विवेकानंद चौक चौराहा, रेलवे स्टेशन चौराहा, अग्रसेन सर्किल, एसएमडी चौराहा, राजर्षि कॉलेज चौराहा, नंगली चौराहा अशोक सर्किल, अंहिसा सर्किल मन्नी का बड़, ज्योतिबा सर्किल नयाबास, राव तुलाराव चौराहा, अम्बेडकर चौराहा, भगतसिंह चौराहा, बिजली घर चौराहा, परशुराम सर्किल घोड़ाफेर चौराहा, भूगोर बाइपास तिराहा, प्रतापबंध तिराहा, एनइबी तिराहा, मोती डूंगरी तिराहा, बख्तल की चौकी तिराहा, कटीघाटी तिराहा, घंटाघर चौराहा, होपसर्कस, त्रिपोलिया, लालबहादुर शास्त्री चौराहा नयाबास, पूर्व महाराजा जयसिंह तिराहा मोती डूंगरी, भवानी तोप का चौराहा, मनुमार्ग तिराहा आदि हैं।

चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिए 10 लाख स्वीकृत

जिला कलक्टर जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर यूआईटी की ओर से अलवर शहर के चौराहों के सौंदर्यीकरण व विकास कार्यों के लिए 10 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। अलवर में विभिन्न चौराहों का सौंदर्यीकरण कार्य कराया जा रहा है।

चौराहों का सौंदर्यीकरण है आकर्षण

अलवर के चौराहों का सौंदर्यीकरण आकर्षण का केन्द्र रहे हैं। नंगली चौराहा, भगतसिंह सर्किल, अंबेडकर चौराहा सहित अनेक चौराहे अलवर की शान चौराहे हैं। नंगली सर्किल पर शाम के समय चलते फव्वारे, हरी घास व फृलदार पौधे आने जाने वाले लोगों को आकर्षित करते हैं। यह चौराहा अलवर का सबसे बड़ा चौराहा और शहर के बीचों बीच है।

यूआईटी करती है मॉनिटरिंग

अलवर शहर के सभी चौराहे व तिराहे यूआईटी के अधीन हैं। इनमें ज्यादातर चौराहों को रखरखाव के लिए विभिन्न संस्थाओं को गोद दिया हुआ है। इसके अलावा यूआईटी भी इन चौराहों का सौँदर्यीकरण व विकास कार्य कराती है एवं मॉनिटरिंग करती है।

कुमार संभव अवस्थी

एक्सईएन, यूआईटी अलवर