अलवर. दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे वाहन चालक ही नहीं, बल्कि वीआइपी की भी पहली पसंद बनने लगा है।यही कारण है कि राजनीतिक दलों के बड़े नेता भी आने- जाने के लिए हेलीकाप्टर के बजाय एक्सप्रेस वे का उपयोग करने लगे हैं।
अलवर. दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे वाहन चालक ही नहीं, बल्कि वीआइपी की भी पहली पसंद बनने लगा है।यही कारण है कि राजनीतिक दलों के बड़े नेता भी आने- जाने के लिए हेलीकाप्टर के बजाय एक्सप्रेस वे का उपयोग करने लगे हैं।दिल्ली से जयपुर जाने व आने के लिए इन दिनों दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे उपयोगी मार्ग साबित हो रहा है। एक्सप्रेस को शुरू हुए अभी 10 दिन भी नहीं हुए कि यह लोगों की जरूरत बनने लगा है। कारण है कि दिल्ली, अलवर, जयपुर की यात्रा अब बिना बाधा के आधे समय में तय होने लगी है।
राहुल, प्रियंका व गहलोत को भी रास आया
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत अन्य बड़े नेताओं भी दिल्ली- जयपुर में आने- जाने के लिए एक्सप्रेस वे का उपयोग करने लगे हैं। बुधवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव की पुत्री के विवाह में शामिल होने के लिए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मुकुल वासनिक एवं कांग्रेस के अनेक बड़े नेता, कई राज्यों के मंत्री एवं पूर्व मंत्री के अलावा पूर्व राजघरानों के सदस्य अलवर आए। इनमें से ज्यादातर ने दिल्ली से अलवर पहुंचने के लिए दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे का उपयोग किया। ये नेता रात 11 बजे बाद अलवर से पुन: एक्सप्रेस वे ही दिल्ली के लिए रवाना हुए। इसी प्रकार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी रात करीब 10.30 बजे अलवर से जयपुर जाने के लिए एक्सप्रेस वे को ही चुना। इसके अलावा अधिकारी एवं अन्य नेता भी अब जयपुर व दिल्ली आने- जाने के लिए एक्सप्रेस वे का उपयोग करने लगे हैं।
हाइवे पर यातायात का दवाब हुआ कम
दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे शुरू होने के साथ ही नेशनल हाइवे संख्या 48 एवं मेगा हाइवे पर अब यातायात का दवाब कम होने लगा है। अब वाहन चालक समय बचाने एवं आराम का सफर के लिए एक्सप्रेस वे को प्राथमिकता देने लगे हैं। अनुमान के अनुसार एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद दिल्ली- जयपुर नेशनल हाइवे पर 25 से 30 प्रतिशत यातायात में कमी आई है।
हेलीकॉप्टर की उपयोगिता हुई कम
एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद वीआइपी लोगों एवं बड़े नेताओं की हेलीकॉप्टर पर निर्भरता भी कम होने लगी है। कारण है कि हेलीकॉप्टर का सफर महंगा होता है। वहीं एक्सप्रेस वे पर आधे समय में बिना किसी बाधा के सफर की सुविधा मिलने से हेलीकाप्टर की ज्यादा जरूरत नहीं रहती है। यही कारण है कि बुधवार को दिल्ली व जयपुर से अलवर आने वाले वीआईपी लोगों ने हेलीकॉप्टर के बजाय एक्सप्रेस को चुना।