अलवर. जिले में प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान सरकारी जमीन के आवंटन में अनियमितता उजागर होने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर प्रतिबंधित भूमि में गलत तरीके से किए गए 115 आवंटनों को निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
अलवर. जिले में प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान सरकारी जमीन के आवंटन में अनियमितता उजागर होने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर प्रतिबंधित भूमि में गलत तरीके से किए गए 115 आवंटनों को निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम उत्तम सिंह शेखावत ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई करते हुए तहसील टहला में किए गए भूमि आवंटनों की शिकायतों की जांच के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। गठित कमेटी की ओर से जांच करने बाद पाई गई अनियमितताओं पर न्यायालय जिला कलक्टर अलवर, न्यायालय अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम एवं न्यायालय अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय की ओर प्रतिबंधित भूमि नाला, राडा, तालाब की भूमि पर किए गए 115 आवंटन को शुक्रवार को अनाधिकृत एवं गैर कानूनी आवंटन माना और आवंटित प्रकरणों को निरस्त कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ क्षेत्र में भूमि आवंटन के 803 प्रकरणों की जिला स्तरीय जांच दल की ओर से जांच करने पर 794 मामलों में अनियमितता मिली थी।
भूमि आवंटन में यह हुई अनियमितता
भूमि आवंटन में नियमों की पालना नहीं कर राजगढ़ क्षेत्र में 498 प्रकरणों में प्रतिबंधित श्रेणी गैर मुमकिन पहाड़, नाला, नदी किस्म की भूमि का आवंटन बिना जांच के ही कर दिया। करीब 331 प्रकरणों में विवाहित व्यक्तियों में केवल पुरुष के नाम से ही आवेदन स्वीकार कर भूमि आवंटित कर दी गई। टहला क्षेत्र में भूमि आवंटन के 87 प्रकरणों में अतिक्रमित भूमि का आवंटन किया गया।इतना ही नहीं आवेदनों पर दिनांक व समय अंकित नहीं होने के बाद भी अनाधिवासित भूमि एवं जन उपयोगी प्रयोजन भूमि की जरूरत के मापदंडों की पालना नहीं की गई। वहीं आवेदक के आवंटन की पात्रता की न तो जांच की गई और न ही तहसील रेकॉर्ड व वार्षिक रजिस्टर से तथ्यों का मिलान किया गया। साथ ही आवेदक के भूमिहीन होने के तथ्यों की जांच भी नहीं हुई। इसके अलावा भी जमीन आवंटन में अनेक अनियमितता बरती गई।
पत्रिका ने उजागर की अनियमितता
राजस्थान पत्रिका ने सरकारी जमीन के गलत आवंटन के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर जिला प्रशासन मामले की जांच कर रिपोर्ट सीएमओ, एसओजी, एसीबी व कार्मिक विभाग को भेजी। इस पर एसओजी से कार्रवाई शुरू की तथा शासन सचिव टी रविकांत मामले की जांच करने टहला व अलवर आए।