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एक्सप्रेस वे, हाइवे का का बिछा जाल, औद्योगिक व पर्यटन विकास पर नहीं ध्यान

अलवर. जिले में नेशनल हाइवे, एक्सप्रेस वे एवं सेमी हाई स्पीड़ चलाने की तैयारी से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद जगी, लेकिन इसका जिला वासियों को भरपूर लाभ मिले, इस पर केन्द्र व राज्य सरकार का अभी ध्यान नहीं है।

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अलवर

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Prem Pathak

Mar 18, 2023

एक्सप्रेस वे, हाइवे का का बिछा जाल, औद्योगिक व पर्यटन विकास पर नहीं ध्यान

एक्सप्रेस वे, हाइवे का का बिछा जाल, औद्योगिक व पर्यटन विकास पर नहीं ध्यान

अलवर. जिले में नेशनल हाइवे, एक्सप्रेस वे एवं सेमी हाई स्पीड़ चलाने की तैयारी से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद जगी, लेकिन इसका जिला वासियों को भरपूर लाभ मिले, इस पर केन्द्र व राज्य सरकार का अभी ध्यान नहीं है। यही कारण है कि दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद भी इसके नजदीक औद्योगिक एवं पर्यटन विकसित करने की कोई योजना अब तक नहीं बन पाई है। इतना ही नहीं अलवर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल सरिस्का टाइगर रिजर्व, सिलीसेढ़ झील, ऐतिहासिक पाण्डुपोल मंदिर एवं भर्तृहरिधाम धार्मिक पर्यटन केन्द्रों तक एक्सप्रेस वे एवं हाइवे से सीधी एप्रोच का प्लान तैयार नहीं हो पाया है।

दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे से अलवर जिला सीधे तौर पर जुड़ चुका है, वहीं जिले में पनियाला- बडौदामेव नेशनल हाइवे निर्माण शुरू होने की तैयारी है। साथ ही अलवर होकर वंदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन को अप्रेल मध्य तक शुरू करने की योजना है। इससे पूर्व द्रुतग्रामी ट्रेन डबल डेकर, शताब्दी एक्सप्रेस अलवर होकर गुजर रही हैं। अलवर जिले की बड़े शहरों से कनेक्टिविटी तो बेहतर हो गई, लेकिन इसका लाभ अभी सफर का समय बचने तक ही सीमित है।

रोजगार व व्यापार में वृदि्ध से मिलेगा बड़ा लाभ

किसी भी शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होने का लाभ जिले को तभी मिल सकेगा, जब इससे रोजगार, व्यापार, उद्योग एवं पर्यटन के द्वार खुलें। यह तभी संभव है, जब दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे, नेशनल हाइवे एवं रेलवे स्टेशनों के समीप नए औद्योगिक शहर बसें, पर्यटन हब विकसित हो या व्यापार के नए क्षेत्र पनपें। अलवर जिले में नेशनल हाइवे संख्या 48 कई साल पहले ही शुरू हो चुका है, लेकिन इसके आसपास नीमराणा को छोड़ बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हो पाया। वहीं पर्यटन हब एवं बड़े व्यापारिक क्षेत्र भी विकसित नहीं हो पाए। इसी तरह एक्सप्रेस वे के इर्द- गिर्द बडोदामेव, पिनान आदि में न तो कोेई नया औद्योगिक शहर, व्यापारिक क्षेत्र और पर्यटन बनाने की दिशा में अभी कोई प्रयास दिखाई नहीं दिए हैं। वहीं पनियाला- बडोदामेव प्रस्तावित नेशनल हाइवे के आसपास भी अभी कोई व्यापारिक एवं पर्यटन गतिविधि विकसित करने की योजना नहीं बन पाई है।

सरिस्का, भिवाड़ी, एमआइए की एप्रोच पर भी नहीं ध्यान

दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस वे, प्रस्तावित पनियाला- बडोदामेव नेशनल हाइवे से अब तक न तो सरिस्का टाइगर रिजर्व, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी एवं अलवर के एमआइए को सीधा जोड़ने की योजना नहीं बन पाई है। इस कारण लोगों को रोजगार एवं व्यवसाय में अब तक बेहतर कनेक्टिविटी का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है।