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अलवर में क्या नहीं कि बेरोजगार एक लाख से ज्यादा

अलवर जिले में खनिज, उद्योग, पर्यटन की अपार संभावना है, फिर भी एक लाख से ज्यादा युवा बेरोजगार हैं। बेरोजगारी यह आंकड़े खुद सरकार के रोजगार विभाग बोल रहा है। जानते हैं अलवर में आखिर बेरोजगारी के कारण क्या हैं...

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अलवर

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Prem Pathak

Aug 02, 2023

अलवर में क्या नहीं कि बेरोजगार एक लाख से ज्यादा

अलवर में क्या नहीं कि बेरोजगार एक लाख से ज्यादा

अलवर. प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से अलवर प्रदश में अग्रणी जिलों में शामिल है, यहां कई हजार छोटे बड़े उद्योग भी हैं, फिर भी हजारों युवा रोजगार की कतार में है। खुद सरकार के आंकड़े गवाह है कि अलवर जिले में एक लाख से ज्यादा पंजीकृत बेरोजगार हैं।
अलवर जिला खनिज पदार्थों के दोहन, पर्यटन, औद्योगिक एवं व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान में अलवर जिले में करीब 300 खनन लीज संचालित हैं, वहीं करीब 5 हजार छोटे- बड़े उद्योग संचालित हैं। इनमें कई हजार युवा एवं अन्य लोग रोजगार करते हैं। वहीं अलवर पर्यटन स्थलों की खान माना जाता है, इससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। अलवर जिले में इतना सब कुछ होते हुए भी बेरोजगारों की संख्या एक लाख से ज्यादा है।

खनन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावना

अलवर जिला खनिज का भंडार है, यहां खनिज क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावना है। लेकिन बंदिशों के चलते ज्यादातर खानें बंद हैं। पुराने क्षेत्र में ज्यादातर खानें बंद हैं। एनसीआर के नोमर्स खनन व उद्योगों में आड़े आ रहे हैं। इस कारण न तो खनन क्षेत्र एवं न उद्योगों का पूर्ण लाभ जिलावासियों को मिल पा रहा है। खानें बंद होने के कारण रॉ मैटेरियल मकराना व अन्य स्थानों से मंगाना पड़ रहा है। सरकार प्रयास करे तो अलवर में खनिज व उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार मिल सकता है।

गोविंद गर्ग
अध्यक्ष मत्स्य उद्योग संघ अलवर

एनसीआर की पाबंदी हटे तो बढ़ें उद्योग

अलवर जिले की खुशहाली में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर की पाबंदी भारी पड़ रही है। एनसीआर के चलते अलवर के एमआइए िस्थत उद्योगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं इको सेंसेटिव जोन के अभाव में खनन उद्योग व पर्यटन प्रभावित हो रहे हैं। अलवर में रोजगार को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन सरकार को प्रयास करने की जरूरत है। एनसीआर की पाबंदी के चलते नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हो पा रहे हैं, जिसका सीधा प्रभाव स्थानीय रोजगार पर पड़ रहा है।

देवेन्द्र अग्रवाल
अध्यक्ष लघु उद्योग भारती अलवर

अलवर में एक लाख के पार बेरोजगार, प्रदेश में 18 लाख

अलवर जिले में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या एक लाख के पार है, इनमें 98022 ग्रेजुएट एवं 4449 पोस्ट ग्रेजुएट बेरोजगार हैं। वहीं प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 1840044 हैं, इनमें 1440916 स्नातक एवं 101956 उच्च योग्यताधारी हैं।
प्रदेश में बेरोजगारी के हालात

जिला ग्रेजुएट पोस्ट ग्रेजुएट
जयपुर 160555 14709

अलवर 98022 4449
अजमेर 31593 5142

भरतपुर 62007 2277
बीकानेर 31424 3664

भीलवाड़ा 22627 3 145
दौसा 72943 1953

धौलपुर 21144 672
जोधपुर 52233 3955

कोटा 33185 5512
सीकर 133330 5427

उदयपुर 23708 3675

जिले में उद्योगों की िस्थति

अलवर जिले में रीको के 31आद्योगिक क्षेत्र हैं, इनमें 4500 से ज्यादा उद्योग इकाई संचालित हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि इन उद्योगों में करीब डेढ़ लाख लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। जिले में प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी, टपूकड़ा, कहरानी, चौपानकी, खुश्खेड़ा, नीमराणा, घीलोठ, बहरोड़, एमआईए, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, खैरथल, राजगढ़ एवं थानागाजी हैं।

खनन का यह गणित

जिले में खनन पट्टे- 317
वर्तमान में चालू- करीब 200

पाबंदी के चलते बंद- करीब 125