
एक महीने बाद विकास कार्यों पर बैन, घोषणाएं अभी अधर में
अलवर. राज्य की मौजूदा सरकार के लिए काम काज को एक महीना बचा है, लेकिन अलवर जिले को लेकर की गई कई घोषणाओं को अभी धरातल पर आने का इंतजार है। वैसे तो राज्य सरकार की ओर से विकास को लेकर खूब दावे किए गए, लेकिन अलवर का स्मार्ट सिटी में तब्दील होना शेष है। अलवर को संभाग बनाने, सरिस्का टाइगर रिजर्व िस्थत ऐतिहासिक पाण्डुपोल हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं को नि:शुल्क प्रवेश की घोषणाएं भी अभी आदेशों का इंतजार कर रही है। इसके अलावा भिवाड़ी में नई टाउनशिप का निर्माण सहित अन्य कई घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाई हैं।
कंपनी बाग की बेसमेंट पार्किंग अटकी
राज्य सरकार की ओर से कंपनी बाग में डबल बेसमेंट पार्किंग की घोषणा मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुई। इसके लिए यूआईटी ने करीब 23 करोड़ की लागत से बेसमेंट पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार किया। यहां डबल बेसमेंट पार्किंग बनाने का का उद्देश्य था कि बाजार में जाने वाले वाहनों को यहीं पर खड़ा करवाया जाए ताकि जाम न लग पाए। त्योहारी सीजन में इस बेसमेंट का फायदा ज्यादा मिलना था। इसका यूआईटी की ओर से टेंडर किया गया। सरकार को प्रस्ताव भेजा गया। वहां से अड़ंगा लगा दिया गया और नए सिरे से टेंडर करना पड़ा। आगामी एक महीने में ये प्रस्ताव परवान चढ़ता नजर नहीं आ रहा है। इस पार्किंग में करीब 250 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था की गई थी।
अलवर को दिखाया था स्मार्ट सिटी का सपना
राज्य सरकार ने अलवर को स्मार्ट सिटी का दर्जा तो दे दिया लेकिन काम कोई भी स्मार्ट नहीं हुआ। यूआईटी की ओर से एलिवेटिड रोड का प्रस्ताव तैयार करवाया गया था। इस पर करीब 100 करोड़ रुपए व्यय होने थे। जेल सर्किल से नंगली सर्किल तक ये रोड मेट्रो लाइन की तरह आना था। ये प्रस्ताव सरकार को गया लेकिन अब तक बात नहीं बनी। पैसे नहीं मिल पाए। इसी मार्ग के दोनों ओर बिजली की लाइनें अंडरग्राउंड करने से लेकर अन्य कार्य भी प्रस्तावित थे। ये प्रस्ताव भी करीब 100 करोड़ का था पर पैसे नहीं मिले। यानी अलवर को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रोजेक्ट अभी धरातल पर नहीं आ पाया है।
अलवर को संभाग बनाने की घोषणा अधूरी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गत 12 मई को अलवर में मिनी सचिवालय भवन का लोकार्पण कर आमसभा को सम्बोधित किया। इसमें मुख्यमंत्री ने अलवर को संभाग बनाने को लेकर वादा किया कि प्रदेश में बनने वाला अगला संभाग अलवर होगा, लेकिन अभी तक इसकी घोषणा नहीं हो सकी है।
पाण्डुपोल दर्शन का भी लग रहा शुल्क
मुख्यमंत्री ने अलवर में जनसभा में सरिस्का िस्थत ऐतिहासिक पाण्डुपाल हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं से लिया जाने वाला शुल्क माफ करने यानी नि:शुल्क प्रवेश की घोषणा की थी, लेकिन इसके भी अभी तक आदेश जारी नहीं हो सके हैं और श्रद्धालुओं को मंगलवार व शनिवार को छोड़कर अन्य दिनों में पाण्डुपोल जाने पर शुल्क चुकाना पड़ रहा है।
ग्रेटर भिवाड़ी इंडस्ट्रियल टाउनशिप का भी इंतजार
राज्य सरकार ने ग्रेटर भिवाड़ी इंडस्ट्रियल टाउनशिप की घोषणा की थी। सरकार के लिए मौजूदा कार्यकाल में काम करने के लिए एक महीने का समय बचा है, लेकिन यह योजना अभी धरातल पर दिखाई नहीं दे पाई है। इसके अलावा कई अन्य छोटी घोषणाओं को भी धरातल पर आने का अभी इंतजार है।
Published on:
31 Aug 2023 10:39 pm

बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
