
अलवर में अनुसूचित जाति का कैसे हैं दबदबा
देश भर में भले ही ज्यादातर राजनीतिक दल जातीय जनगणना कराने का राग अलाप रहे हो, लेकिन अलवर जिले में अनुसूचित जाति चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाती रही है। कारण है कि अलवर जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जाति वर्ग का वोट बैंक करीब 20 फीसदी है। यही कारण कि विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा, ज्यादातर राजनीतिक दल अपनी चुनावी रणनीति में अनुसूचित जाति वर्ग को साधने को प्राथमिकता में रखना नहीं भूलते।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, राजनीतिक दल प्रत्याशी चयन और वोटों का गणित बिठाने में जुटे हैं। इनमें जातीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। संख्या में भारी होने के कारण अनुसूचित जाति वर्ग ने ज्यादातर राजनीतिक दलों को विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका के बारे में सोचने को मजबूर कर दिया है।
हर सीट पर निर्णायक अनुसूचित जाति
कहने में भले ही अनुसूचित जाति वर्ग हो, लोकतंत्र की भूमिका में इस वर्ग का अलवर जिले में दबदबा रहा है। कारण है कि अलवर के 11 विधानसभा क्षेत्रों के कुल मतदाताओं 26 लाख 88 हजार 327 में से 5 लाख 27 हजार 768 मतदाता अनुसूचित जाति वर्ग के हैं। यानी कुल मतदाताओं में करीब 20 फीसदी मतदाता इसी वर्ग से हैं। लगभग यही िस्थति सभी 11 विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जाति वर्ग की है।
अनुसूचित जाति वर्ग कहां कितने भारी
विधानसभा क्षेत्र कुल मतदाता एससी वर्ग मतदाता
अलवर शहर 257821 48966
अलवर ग्रामीण 256136 56350
रामगढ़ 263700 55377
राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ 257883 43840
बानसूर 247507 49502
बहरोड़ 229557 41320
किशनगढ़बास 247558 51988
तिजारा 255697 46026
थानागाजी 215860 41014
कठूमर 223501 51406
मुण्डावर 233107 41959
योग 2688327 527768
अनुसूचित जाति वर्ग में अनेक जातियां
अनुसूचित जाति वर्ग में अनेक जातियां शामिल हैं। इनमें जाटव, बैरवा, मेघवाल, बलाई, रैगर, वाल्मीकि, खटीक, धानक व अन्य जातियां शामिल हैं। यह सभी जातियां अनुसूचित जाति का हिस्सा हैं।
लोकतंत्र के प्रति जागरूक है अनुसूचित जाति वर्ग
अनुसूचित जाति वर्ग ने विभिन्न चुनाव में लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरुकता का परिचय दिया है। यह वर्ग मतदान में पूरी भूमिका निभाने के साथ ही अपने हितों को देखते हुए जनप्रतिनिधि चुनने में भूमिका निभाता रहा है। इस वर्ग में जागरुकता का अंदाजा इस बात से आसानी से लगाया जा सकता है कि काफी समय पूर्व तक भीड़ तंत्र के साथ चलने वाला यह वर्ग अभी समाज के हित को देखकर अपनी भूमिका निभाता है।
Published on:
18 Oct 2023 11:48 pm
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