
कांग्रेस ने अपने ही नेताओं को बाहर का रास्ता क्यूं दिखाया
विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे विधायक जौहरीलाल मीणा, शीला मीणा व राहुल मीणा, मुंडावर से अंजलि यादव व किशनगढ़बास में सिमरत संघू पर कांग्रेस ने कार्रवाई कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। लेकिन भाजपा की ओर से अपने बागी नेताओं पर अभी कार्रवाई का इंतजार है।
विधानसभा चुनाव के मतदान में 9 दिन का समय शेष बचा है, फिर भी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कई नेता बागी होकर भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैँ। चुनाव में मैदान एक ही पार्टी के दो- दो प्रत्याशियों के खड़े होने से कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं। हालांकि कांग्रेस व भाजपा के चुनाव रणनीतिकारों ने अपने बागी नेताओं को मनाने का खूब प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी ने दी थी चेतावनी
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पार्टी के बागी नेताओं को दो दिन की अवधि में अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव मैदान में हटने की चेतावनी दी भी। यह अवधि बुधवार शाम को पूरी हो गई। बागी नेताओं पर चेतावनी का असर नहीं होता देख उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की पहली कार्रवाई की गई। इसमें अलवर जिले के तीन बागी नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
कहां कौन किस दल का बागी नेता
थानागाजी में भाजपा के रोहिताश्व घांघल बागी होकर असपा से चुनाव मैदान में हैं। राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ में विधायक जौहरीलाल मीणा कांग्रेस से बगावत कर चुनाव मैदान में हैं, कांग्रेस की शीला मीणा व राहुल मीणा भी निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में डटी हैं। वहीं भाजपा के विजय समर्थलाल मीणा बागी होकर अपने ही दल के प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। कठूमर में पूर्व मंत्री मंगलराम भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं रामगढ़ में सुखवंत सिंह भाजपा से बागी होकर असपा से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा किशनगढ़बास से सिमरनजीत कौर कांग्रेस से बगावत कर बसपा से चुनाव मैदान में उतरी हैं, वहीं मुंडावर में अंजलि यादव कांग्रेस से बगावत कर असपा के टिकट पर चुनाव मैदान में डटी हैं।
Published on:
15 Nov 2023 11:11 pm
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