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एनसीआर में प्रदूषण ज्यादा नहीं, फिर ग्रेप द्वितीय क्यूं लागू

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर क्षेत्र एवं आसपास ग्रेप टू लागू किया है, जबकि अलवर की आबोहवा अभी ठीक है,लेकिन एनसीआर में होने के कारण अलवर को भी झेलनी पड़ेंगी ग्रेप की बंदिशें। इसका असर यह होगा कि यहां पहले ही चुनाव आचार संहिता के चलते विकास कार्यों की रफ्तार थम सी गई है और अब ग्रेप की पाबंदियां इसे थामेगी।

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अलवर

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Prem Pathak

Oct 22, 2023

एनसीआर में प्रदूषण ज्यादा नहीं, फिर ग्रेप द्वितीय क्यूं लागू

एनसीआर में प्रदूषण ज्यादा नहीं, फिर ग्रेप द्वितीय क्यूं लागू

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण की मार बढ़ने के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने अलवर सहित पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रेस्पोंस एक्शन प्लान (ग्रेप) की स्टेज द्वितीय लागू की है। हालांकि अलवर की आबोहवा अभी ज्यादा खराब नहीं हुई है, लेकिन ग्रेप की पाबंदियां यहां भी लागू होंगी। इससे पूर्व गत 6 अक्टूबर को एनसीआर में ग्रेप वन लागू की गई थी।
एनसीआर एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता के पूर्व रूझानों के अनुसार आगामी दिनों में क्षेत्र के परिवेशीय वायु गुणवत्ता में गिरावट एवं दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक ज्यादा खराब एक्यूआई 301 से 400 के बीच पहुंचने की उम्मीद है। इस कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेप द्वितीय लागू किया है।

ग्रेप द्वितीय में इन पर रहेगा प्रतिबंध

ग्रेप द्वितीय में मैकेनिकल व वैक्यूम स्वीपिंग मशीनों से चिह्नित सड़कों पर प्रतिदिन नियमित सफाई व पानी छिड़काव कराना, प्रमुख मार्गों, संवेदनशील क्षेत्रों, हॉट स्पॉट, भारी यातायात मार्गों पर धूल नियंत्रण के उपाय करने, एनसीआर क्षेत्र में चिह्नित हॉट स्पॉट में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कार्रवाई करने, जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से निरंतर रूप से 24 घंटे बिजली सप्लाई करने, औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय और कार्यालयों सहित एनसीआर के सभी क्षेत्रों में डीजल जनरेटर सेट के विनियमित संचालन के लिए अनूसूचि को सख्ती से लागू करने, यातायात की सुचारू व्यवस्था के लिए चौराहों व भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती करने, निजी परिवहन के उपयोग को कम करने, गैस, विद्युत आधारित सार्वजनिक परिवहन की सेवाओं को बढ़ाना, वेस्ट नहीं जलाने आदि बंदिशे लागू की गई हैं।

यह है एनसीआर की आबोहवा की िस्थति
एनसीआर में शामिल अलवर का रविवार शाम को एक्यूआई 89, भिवाड़ी का 261, दिल्ली का 313, फरीदाबाद का 322, गुरुग्राम का 255, गाजियाबाद का 246, ग्रेटर नाएडा का 354, भरतपुर का 261 दर्ज किया गया। इनमें एनसीआर में शामिल शहरों में सबसे कम एक्यूआई अलवर का है, लेकिन एनसीआर में शामिल होने के कारण यहां भी ग्रेप द्वितीय की बंदिशें लागू रहेंगी।

विकास कार्यों व उद्योगों पर असर

ग्रेप की पाबंदियों का सबसे ज्यादा असर विकास कार्यों और उद्योगों पर पड़ता है। ग्रेप की बंदिशों के चलते विकास कार्यों की रफ्तार थम जाती है, वहीं डीजल जनरेटर सेट पर पाबंदिया लागू होने से उद्योगों का उत्पादन भी प्रभावित होता है।