
20 साल पीछे चला गया अलवर का मत्स्य औधोगिक क्षेत्र, इतनी फैक्ट्रियां हो गई बंद, उद्योग के बजाए बढ़ रहा प्रदूषण
अलवर. दो दशक पहले अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र (एमआईए) में एक-एक फैक्ट्री से हजारों कर्मचारियों का रैला निकलता था। जो बड़े रोजगार का सबूत रहा है। लेकिन पिछले करीब 20 सालों में एमआईए आगे जाने की बजाय और पीछे चलता गया। जबकि यह औद्योगिक क्षेत्र अलवर शहर, अलवर ग्रामीण व रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पास का
हिस्सा है।
सबसे अधिक इन तीनों विधानसभा क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिल रहा है। फिर यहां के विकास को आगे ले जाने के प्रयास ही नहीं हो रहे हैं। बस नेताजी आते हैं और जाते हैं। यही सिलसिल बरकरार है। हजारों वर्गमीटर में फैली कई बड़ी फैक्ट्रियां पूरी तरह वीरान पड़ी हैं। वहां हरियाली तक नहीं छोड़ी। केवल भगवान अकेले रह गए हैं।
माहौल बिगाड़ रही कुछ फैक्ट्री
नीमराणा में औद्योगिक क्षेत्र का विकास होने के बाद अलवर के एमआईए के उल्टे दिन शुरू हुए हैं। बाहरी निवेशक अलवर की बजाय दिल्ली के पास नेशनल हाईवे पर निवेश करने में रुचि ले रहे हैं। तभी तो एमआईए में बाहर के निवेशक नहीं आ रहे हैं। दूसरा यहां की कुछ फैक्ट्रियां अंधाधुंध धुआं छोडकऱ माहौल बिगाड़ रही हैं। सिनर्जी स्टील व पाउडर की फैक्ट्रियों से पूरा माहौल बिगड़ रहा है। फिर भी जिम्मेदार मौन हैं।
750 में से आधी फैक्ट्रियां बंद
एमआईए में कुल करीब 2 हजार एकड़ जमीन पर फैल इस एमआईए ओद्योगिक क्षेत्र में करीब 750 फैक्ट्रियां है। जिसमें से करीब आधी ठप हैं। कुछ तो पूरी तरह वीरान हैं। कुछ की रफ्तार हर साल धीमी पड़ती जा रहा है। इसे क्षेत्र को फिर से मजबूत खड़ा करने पर न स्थानीय नेताओं ने ध्यान दिया न किसी सरकार ने। जिसके कारण हजारों का रोजगार हाथ से चला गया। नयों को अलवर की बजाय बहरोड़, नीमराणा, भिवाड़ी व दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है। जबकि एक समय यहां मॉर्डन शूटिंग, मोदी चैम्पियन जैसी एक-एक फेक्ट्री में हजारों श्रमिक कार्य करते थे। अब वे फैक्ट्रियां बंद हैं। फैक्ट्रियों के परिसर के भीतर की हरियाली को भी नहीं छोड़ा। मंदिर में सिर्फ भगवान अकेले रह गए। बाकी सब वीरान हो गया।
खाली फैक्ट्रियों को चालू नहीं करा रहे
एमआईए के विकास में बंद फैक्ट्रियों का बड़ा रोड़ा है। जिनके कारण पूरा क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है। रीको व उद्योग विभाग को इन बंद फैक्ट्रियों को पुन: चालू कराने के प्रयास करने की जरूरत है। तभी विकास को गति मिल सकती है।
अब कई बड़ी फैक्ट्री चालू हो सकी
पिछले कुछ सालों में जरूर कई बड़ी बंद फैक्ट्री चालू हो सकी हैं। खाली पड़ी फैक्ट्रियों के मालिकों को भी नोटिस दिए गए हेैं। नीमराणा का विकास होने के बाद बाहरी निवेशक अलवर कम आए हैं।
-पीके सक्सेना, क्षेत्रीय प्रबंधक, रीको अलवर
Published on:
23 Oct 2018 12:28 pm
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