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अलवर पुलिस को बड़ी कामयाबी, देशभर में ATM से ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा, वारदात का तरीका जानकार आप भी रह जाएंगे हैरान

अलवर पुलिस ने एटीएम ठगी करने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 105 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।

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अलवर

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Hiren Joshi

Jun 03, 2019

Alwar Police Arrest ATM Thug Gang

अलवर पुलिस को बड़ी कामयाबी, देशभर में ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा, वारदात का तरीका जानकार आप भी रह जाएंगे हैरान

अलवर. अलवर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। अलवर जिले की एनईबी थाना पुलिस ने ऑन लाइन ठगी, बैंक एटीएम को हैक करने व एटीएम से फर्जी तरीके से पैसे निकालकर ठगी करने के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से अलग-अलग बैंकों के 105 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। अलवर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश खींची ने बताया कि अलवर एसपी परिस देशमुख के निर्देशानुसार ऐसे गिरोह की धरपकड़ के लिए एनईबी थानाधिकारी रविन्द्र प्रताप के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए 2 जनू को फर्जी तरीके से एटीएम से पैसे निकालने वाले गिरोह के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अल्ताफ, महावीर यादव, आसिफ खां व नासिर खां को गिरफ्तार किया है और आरोपियों से 105 बैंक एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को अलवर के मंडी मोड से गिरफ्तार किया है, वे यहां कमरा लेकर रहते थे।

भरतपुर व अलवर से हैं आरोपी

पुलिस ने अल्ताफ पुत्र वाहिद उम्र 21 साल निवासी कठोल थाना पहाड़ी जिला भरतपुर, महावीर ङ्क्षसह यादव पुत्र हरिसिंह यादव उम्र 31 साल निवासी नंगला विजय सिंह थाना कामां जिला भरतपुर, आसिफ पुत्र अलादीन उम्र 21 साल निवासी जनता कॉलोनी, मुंगस्का, थाना अरावली विहार अलवर व नासीर पुत्र मुबीन उम्र 21 साल निवासी भौरी, थाना कामां, भरतपुर को गिरफ्तार किया है।

बड़े शातिर तरीके से वारदात को देते थे अंजाम

अति. पुलिस अधीक्षक सुरेश खींची ने बताया कि आरोपी बड़े शातिर तरीके से एटीएम को हैक करके रुपए की ठगी करते थे। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे उनके दोस्त, जानकार और रिश्तेदारों से उनका एटीएम किसी बहाने या धोखे से ले लेते या उनको 5 हजार रुपयों का प्रलोभन देकर उनसे एटीएम कार्ड ले लेते। एटीएम कार्ड लेकर यह लोग एटीम मशीन में जाकर उसको उपयोग में लेते और पैसे निकालते। जब कैश एटीएम मशीन से बाहर आता तो उस कैश को निकासी द्वार पर रोक लेते और केश को कैमरे से बचाकर पकड़े रखते। जैसे ही एटीएम मशीन अगली कमांड के लिए तैयार होती, तब वे कैश को निकाल लेते तथा रुपए मिलते ही बैंक के टोल फ्री नम्बर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराते कि उन्हें रुपए नहीं मिले। वे यह गलत जानकारी बैंक को दर्ज कराते। बैंक उस पैसे को एटीम धारक को रिफंड कर देता।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में ऐसा करने वाले कई और लोगों के नाम उजागर हुए हैं। आरोपी अब तक जयपुर, अलवर, पुणे, भोपाल, गोवा में दर्जनों वारदातों को स्वीकार चुके हैं। आरोपी अल्ताफ ने पूछताछ में बताया कि वह रोबिन और इन्जू नामक लोगों के साथ ऐसी वारदात करने गोवा और भोपाल हवाई जहाज से गया था।

बैंकों को दी सूचना

पुलिस ने ऐसे फर्जी तरीके से रुपए निकालने की वारदातों की सूचना स्थानीय बैंकों को दी है। सोमवार को दो परिवादियों ने अपने एटीएम के संबंध में आरोपियों के विरुद्ध धोखें से एटीएम लेने व वापस नहीं लौटाने की शिकायत दर्ज कराई है। आरोपियों द्वारा देश के विभिन्न शहरों में जाकर वारदातों को अंजाम दिया गया है। आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस को पूछताछ में अन्य वारदातें खुलने की संभावना है।